Tuesday, 24th of March 2026

दिल्ली के जनकपुरी में 'सिस्टम' का गड्ढा बना कमल धयानी की मौत की वजह!

By: GTC News Desk | Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at: February 06th 2026 03:56 PM
दिल्ली के जनकपुरी में 'सिस्टम' का गड्ढा बना कमल धयानी की मौत की वजह!

दिल्ली के जनकपुरी में 'सिस्टम' का गड्ढा बना कमल धयानी की मौत की वजह!

नई दिल्ली: दिल्ली से सटे नोएडा में 'सिस्टम की लापरवाही' की वजह से गई युवराज की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था, अब एक और ताज़ा मामला राजधानी दिल्ली से सामने आया है,जहां जनकपुरी इलाक़े में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की बड़ी लापरवाही सामने का मामला सामने आया है। दरअसल कैलाशपुरी निवासी कमल धयानी (25), जो एक निजी बैंक के कॉल सेंटर में कार्यरत थे, की एक निर्माणाधीन गहरे गड्ढे में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। जैसे ही इस मामले से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो लोगों का ग़ुस्सा जगज़ाहिर हो गया। गौरतलब है कि कमल रोहिणी स्थित अपने दफ़्तर से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।

पूरी रात मौत के साये में फंसा रहा कमल

जानकारी के मुताबिक़, कमल गुरुवार (5 फरवरी) की देर रात अपनी अपाचे बाइक से घर लौट रहे थे। रात क़रीब 11:53 बजे उन्होंने अपने भाई को फ़ोन कर बताया था कि वह जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास हैं और अगले 10-15 मिनट में घर पहुंच जाएंगे, लेकिन जब वे नहीं पहुंचे और उनका फ़ोन बंद आने लगा, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। लिहाज़ा भाई और दोस्तों ने रात 1:30 बजे उसी सड़क पर छानबीन की थी, लेकिन रोशनी की कमी और गड्ढे की गहराई की वजह से वे कमल को नहीं देख पाए। नतीजतन थक-हारकव वो वापिस घर चले गए। सुबह क़रीब 7:30 बजे पुलिस का फोन आया कि जोगिंदर सिंह मार्ग पर एक गड्ढे में बाइक और युवक का शव मिला है, तो कमल के परिजनों के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फ़ानन वो उस अनहोनी जगह पहुंच गए। मौक़ा-ए-वारदात पर पहुंचे तो मानो उनके पैरों तले से ज़मीन ही खिसक गई।

पुलिस कार्रवाई पर लगा सवालिया निशान

परिजनों का आरोप है कि वे कमल की तलाश में पूरी रात जनकपुरी, सागरपुर, विकासपुरी और रोहिणी समेत क़रीब 6 पुलिस स्टेशनों के चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें "सुबह आने" की सलाह देकर टाल दिया। यही नहीं, कमल के परिवार ने इस घटना को "प्रशासनिक हत्या" क़रार दिया है।  हालाकि पुलिस अब तफ़्तीश करने की बात कह रही है। उन्होंने दो बड़े सवाल उठाए हैं:

सिस्टम की लापरवाही कब तक: स्थानीय लोगों का दावा है कि जल बोर्ड ने कई दिनों से 20 फीट गहरा गड्ढा खोद रखा था, लेकिन वहां न तो उचित लाइटिंग थी और न ही पर्याप्त बैरिकेडिंग।

हत्या का साज़िश और शक़: परिजनों ने आशंका जताई है कि यह महज़ दुर्घटना नहीं बल्कि साज़िश भी हो सकती है, क्योंकि कमल उस रास्ते से रोज़ आता-जाता था। उन्होंने पुलिस से हत्या के एंगल पर भी जांच की मांग की है।

सियासी बयानबाज़ी का दौर शुरू: अब क्या आम आदमी पार्टी, क्या कांग्रेस और क्या भाजपा, दिल्ली की तीनों राजनीतिक पार्टियों ने बयानबाज़ी शुरू कर दी है। हर पार्टी का नेता, दूसरी पार्टी को क़सूरवार ठहराता हुआ नज़र आ रहा है। चूंकि दिल्ली में मौजूदा दौर में भाजपा के नेतृत्व वाली रेखा गुप्ता सरकार है, ऐसी में विपक्षी पार्टियों को भाजपा पर हमला बोलने का मौक़ा मिल गया है। सौरभ भारद्वाज (AAP): उन्होंने 'X' पर पोस्ट कर कहा, "नोएडा की घटना से दिल्ली की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा। एक मासूम बाइक सवार रात भर गड्ढे में पड़ा रहा और मर गया। यह पूरी तरह से सिस्टम की नाकामी है।" 

वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने घटनास्थल का दौरा कर मुआयना किया और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब सवाल यही है कि सिस्टम की लापरवाही के चलते अगर किसी की जान चली जाती है, तो फ़िर किसे ज़िम्मेदार माना जाया और किसकी जवाबदेही तय की जाए?