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मणिपुर: मणिपुर के चुराचांदपुर ज़िले के कुछ हिस्सों में गुरुवार शाम से शुक्रवार तड़के तक लगभग नौ घंटे तक चली हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने संपूर्ण रूप से बंद लागू कर दिया है। यह हिंसा मणिपुर के नए उपमुख्यमंत्रियों नेमचा किपगेन और श्री लोसी दिखो के शपथ ग्रहण के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान भड़की। सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने तुइबोंग मुख्य बाज़ार क्षेत्र में सुरक्षा बलों को उनके शिविरों की ओर पीछे धकेलने की कोशिश की।

इस मामले पर मणिपुर के मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने कहा, "अभी आप यह नहीं कह सकते कि स्थिति सामान्य है, क्योंकि कुछ गड़बड़ी है। स्थिति नियंत्रण में है। वे खुश नहीं हैं, इसलिए वे अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे हैं। कुछ नहीं होगा। कल कोई हिंसा नहीं हुई। सुरक्षा इंतज़ाम है। हम तुरंत कार्रवाई नहीं कर सकते। उनमें से कुछ बहुत शांति पसंद लोग हैं। धीरे-धीरे हालात सुधरेंगे। अभी आप यह नहीं कह सकते कि स्थिति सामान्य है, क्योंकि कुछ गड़बड़ी है। स्थिति नियंत्रण में है।"
#WATCH | Imphal | On violence in Churachandpur, Manipur Minister Govindas Konthoujam says, "As of now, you can't say that the situation is normal, as there are some disturbances. The situation is under control.""They are not happy, so they are expressing their discontent.… pic.twitter.com/NneZSLNbKX
— ANI (@ANI) February 6, 2026
तुइबोंग फॉरेस्ट गेट के पास स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर सुरक्षा कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे बलों को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा। बाद में सुरक्षा बलों ने दोबारा मोर्चा संभाला और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, लेकिन प्रदर्शनकारी बार-बार फिर से इकट्ठा होकर हमले करते रहे।
हालात पर क़ाबू के लिए सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया
रात लगभग 11 बजे हालात काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया, हालांकि इसके बावजूद तनाव बना रहा और झड़पें रुक-रुक कर जारी रहीं। स्थिति को शांत करने के लिए असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें 27 सेक्टर के कमांडर भी शामिल थे, उन्हें भी तैनात किया गया, लेकिन शुरुआती प्रयासों का सीमित असर रहा प्रदर्शनकारियों में इस बात को लेकर नाराज़गी देखी गई कि तीन कुकी-जोमी विधायक मणिपुर सरकार में शामिल हो रहे हैं। इनमें नेमचा किपगेन पहले ही उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुकी हैं, जबकि एलएम खाउते और नगुरसंगलुर के शपथ लेने की संभावना है। क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।