Trending:
परीक्षा पे चर्चा 2026: ‘परीक्षा पे चर्चा’ का 9वां संस्करण आज 6 फरवरी को सुबह 10 बजे शुरू हुआ। इस बार यह केवल एक हॉल तक सीमित नहीं था बल्कि देश-दुनिया के स्टूडेंट्स और अभिभावक ऑनलाइन मोड में इसका हिस्सा बने। इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।
पीएम मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें संस्करण के दौरान स्टूडेंट्स से बातचीत करते हुए कहा, "...जिम्मेदार नागरिक बनें... अगर हम विकसित भारत चाहते हैं, तो हमें साफ-सफाई पक्का करनी होगी और इसके लिए जागरूकता फैलानी होगी... टेक्नोलॉजी एक वरदान है, और हमें इसे अपनाना चाहिए... अपनी समझ और पर्सनैलिटी को बेहतर बनाने के लिए AI का समझदारी से इस्तेमाल करें..."
#WATCH | PM Narendra Modi interacts with students during the 9th edition of 'Pariksha pe Charcha'.He says, "... Be responsible citizens... If we want a Viksit Bharat, we need to ensure cleanliness and raise awareness for the same... Technology is a boon, and we need to embrace… pic.twitter.com/18PJTFgwaI
— ANI (@ANI) February 6, 2026
विकसित भारत के सपने पर पीएम मोदी का संदेश
छात्रों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्होंने कुछ जरूरी आदतों और सोच पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं को अपने अंदर कौशल, आत्मविश्वास और अच्छी सेहत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि देश को आगे बढ़ाने के लिए मेड इन इंडिया को अपनाना बहुत जरूरी है। साथ ही साफ-सफाई का ध्यान रखना और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने समय की अहमियत बताते हुए भारतीय मानक समय को लेकर भी सोच बदलने की बात कही।
इस अनूठी पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2018 को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से की थी. तब इसमें प्रतिभागियों की संख्या कम थी। आज 9वें साल में यह आंकड़ा बढ़कर करोड़ों पार कर चुका है। पिछले 8 वर्षों में यह कार्यक्रम ‘जन आंदोलन’ बन चुका है. पिछले संस्करण (PPC 2025) में 245 देशों के छात्र और 150 से अधिक देशों के शिक्षक-अभिभावक जुड़े थे, जिसने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच बना दिया है। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री बोर्ड परीक्षा देने जा रहे स्टूडेंट्स के चुनिंदा सवालों के जवाब देते हैं। वे रटने की आदत, माता-पिता का दबाव, डिजिटल डिस्ट्रैक्शन और टाइम मैनेजमेंट जैसे गंभीर विषयों पर चुटीले और सरल अंदाज में टिप्स भी साझा करते हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य आधार पीएम मोदी की किताब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ है।
पीएम मोदी के मशहूर मंत्र ‘स्माइल मोर स्कोर मोर’ और ‘परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं’
पिछले सालों में उन्होंने ‘स्माइल मोर स्कोर मोर’ और ‘परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं’ जैसे कई मशहूर मंत्र दिए हैं, जिन्हें इस साल नए कलेवर में पेश किया जाएगा। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया गया। छात्र-छात्राओं को समर्पित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े तनाव को कम करने, छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने और करियर से जुड़े सवालों के जवाब देने में मदद करना है। इस बार परीक्षा पे चर्चा नए अंदाज में आयोजित की गई, जिसमें देशभर के छात्रों को जोड़ने और उनके सवालों के सीधे जवाब देने पर खास जोर दिया गया।
पीएम ने विदेशी सामान की बजाए स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया
विदेशी सामान पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम रोजमर्रा की जिदगी में कई ऐसी चीजें इस्तेमाल करते हैं, जो बाहर के देशों में बनी होती हैं। हमें धीरे-धीरे भारतीय उत्पादों को अपनाने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम खुद अपने देश की चीजों पर भरोसा दिखाएंगे, तभी दुनिया भी उन्हें सम्मान देगी।