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दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माउंट एकोंकागुआ अभियान को झंडी दिखाकर किया रवाना रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली से अर्जेंटीना के माउंट एकोंकागुआ के लिए एक संयुक्त पर्वतारोहण अभियान को झंडी दिखाकर रवाना किया। 6,961 मीटर ऊँचा माउंट एकोंकागुआ दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी है और एशिया के बाहर की सबसे ऊँची पर्वत चोटी भी है। यह संयुक्त अभियान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), उत्तरकाशी तथा जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान (JIM&WS), पहलगाम द्वारा संचालित किया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने अभियान दल को शुभकामनाएँ देते हुए उनकी सफलता पर जताया भरोसा
रक्षा मंत्री ने NIM और JIM&WS की सराहना करते हुए कहा कि ये संस्थान अपने कार्मिकों को साहस, दृढ़ता और संकल्प के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। अभियान दल को शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने कहा कि इस दुर्गम चोटी पर चढ़ाई केवल शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और मानसिक दृढ़ता की सच्ची कसौटी है, जो भारत के श्रेष्ठ पर्वतारोहियों की पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीम के सदस्य दक्षिण अमेरिका की सर्वोच्च चोटी एवं एशिया के बाहर की सबसे ऊँची पर्वत चोटी पर सफलतापूर्वक अभियान पूरा कर देश का नाम रोशन करेंगे। रक्षा मंत्री ने अभियान दल को अपनी शुभकामनाएँ देते हुए उनकी सफलता पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। माउंट एकोंकागुआ दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी है और एशिया के बाहर की सबसे ऊँची पर्वत चोटी भी है। यह अत्यंत सराहनीय है। आप सभी अपना साहस और पराक्रम प्रदर्शित कर रहे हैं, जिसके लिए आप बधाई के पात्र हैं। मेरी शुभकामनाएँ आप सभी के साथ हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार भी आप इस पर्वतारोहण अभियान में सफल होंगे।”

छह सदस्यीय टीम में अत्यंत प्रशिक्षित प्रशिक्षक शामिल हैं, जिनमें कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी संतोष कुमार, दीप बहादुर साही, विनोद गुसाईं, नायब सूबेदार भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार शामिल हैं। यह यात्रा शुक्रवार (6 फरवरी) को शुरू होगी और अभियान के महीने के अंत तक समाप्त होने की संभावना है।
Flagged-off the joint expedition to Mount Aconcagua from South Block in New Delhi. Six instructors from Nehru Institute of Mountaineering (NIM), Uttarkashi and Jawahar Institute of Mountaineering & Winter Sports (JIM&WS), Pahalgam aim to summit Mount Aconcagua, Argentina. I… pic.twitter.com/JREZ5WHd0t
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) February 5, 2026
माउंट एकोंकागुआ पर प्राप्त होने वाला ज्ञान, अनुभव और आत्मविश्वास देशभर के युवाओं, सशस्त्र बलों के कार्मिकों और साहसिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए अधिक सुरक्षित, सशक्त और प्रभावी प्रशिक्षण में सहायक होगा। यह अभियान वैश्विक स्तर पर साहसिक गतिविधियों और पर्वत अन्वेषण में भारत की बढ़ती उपस्थिति का भी प्रतीक है।

इस अवसर पर कर्नल हेम चंद्र सिंह ने कहा, “यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि हमारे प्रतिष्ठित संस्थानों के मार्गदर्शन और दृष्टि के अंतर्गत इस संयुक्त माउंट एकोंकागुआ अभियान का शुभारंभ हो रहा है। यह प्रत्येक टीम सदस्य के लिए अत्यंत प्रेरणादायक होने के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। 6,961 मीटर की ऊँचाई पर स्थित एकोंकागुआ शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक शक्ति के लिए अत्यंत कठिन परिस्थितियाँ प्रस्तुत करता है। हमें विश्वास है कि यह अभियान पूर्ण समर्पण और प्रकृति के प्रति सम्मान के साथ उच्च हिमालयी पर्वतारोहण का अनुभव प्राप्त करेगा और देश के प्रशिक्षण एवं प्रतिष्ठा में योगदान देगा। पूरे अभियान दल की ओर से आपके सम्मान और प्रोत्साहन के लिए हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। हम इस यात्रा को शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
कर्नल सिंह ने बताया कि मेजर भूपिंदर सिंह चार पूर्व अभियानों में भाग ले चुके हैं, जबकि दीप बहादुर साही एक एवरेस्टर हैं और उन्होंने 20 से अधिक अभियानों में हिस्सा लिया है। विनोद गुसाईं, जो स्वयं भी एवरेस्टर हैं, को 20 से अधिक अभियानों का अनुभव है, जबकि हवलदार रमेश कुमार लगभग 15 अभियानों में भाग ले चुके हैं।