Monday, 12th of January 2026

अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर योगी सरकार ने कर दिए ये ऐलान

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 06th 2025 02:30 PM  |  Updated: December 06th 2025 02:30 PM
अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर योगी सरकार ने कर दिए ये ऐलान

अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर योगी सरकार ने कर दिए ये ऐलान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। ये घोषणाएं न केवल बाबासाहेब के सम्मान को सुनिश्चित करेंगी, बल्कि राज्य के सबसे वंचित और पिछड़े समुदायों के जीवन में सुधार लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण क़दम हैं।

मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कीं, जहां उन्होंने बाबासाहेब के विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया।

1. मूर्तियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यभर में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा की है।

बाउंड्री वॉल का निर्माण: राज्य के सभी जिलों में जहां भी बाबासाहेब की मूर्तियाँ स्थापित हैं, उनकी सुरक्षा के लिए चारों ओर बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) का निर्माण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य मूर्तियों को तोड़फोड़ और अनादर की घटनाओं से बचाना है, जिससे समाज में उत्पन्न होने वाले तनावों को रोका जा सके।

छत्र/कवर लगाने का निर्णय: मूर्तियों पर छत्र या शेड (कवर) भी लगाए जाएंगे, ताकि उन्हें धूप, बारिश और अन्य मौसमी प्रभावों से बचाया जा सके। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि मूर्तियाँ अच्छी स्थिति में रहें और बाबासाहेब के प्रति सम्मान बना रहे।

महत्व: इस पहल को सामाजिक समरसता और महापुरुषों के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह घोषणा लंबे समय से चल रही उस मांग को पूरा करती है जिसमें महापुरुषों की मूर्तियों की सुरक्षा और रखरखाव सुनिश्चित करने की बात कही गई थी।

2. वंचित बस्तियों को शत-प्रतिशत सड़क कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री की दूसरी और दूरगामी घोषणा राज्य के स्लम (झुग्गी-झोपड़ी), दलित, अनुसूचित जाति (SC) और आदिवासी (ST) बस्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने पर केंद्रित है।

शत-प्रतिशत लक्ष्य: योगी सरकार ने इन सभी बस्तियों को शत-प्रतिशत पक्की सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका मतलब है कि राज्य की कोई भी दलित, आदिवासी या स्लम बस्ती अब पक्की सड़क से वंचित नहीं रहेगी।

परिवहन और आर्थिक लाभ: सड़कों के निर्माण से इन क्षेत्रों के निवासियों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ मिलेंगी। पक्की सड़कें न केवल दैनिक आवागमन को आसान बनाएंगी, बल्कि बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में भी मदद करेंगी, जिससे आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

सामाजिक समरसता: यह कदम सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला है। मुख्यधारा से जुड़ने के कारण इन बस्तियों के लोग विकास और प्रगति के समान अवसर प्राप्त कर सकेंगे, जैसा कि बाबासाहेब का सपना था।

बाबासाहेब के विजन को साकार करने की पहल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समावेशी विकास और सामाजिक न्याय का जो मार्ग दिखाया था, उनकी सरकार उसी पर चल रही है। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं का उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक सम्मान नहीं है, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाना है।

राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मूर्तियों की सुरक्षा और बस्तियों तक सड़क कनेक्टिविटी के इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इस पहल से उत्तर प्रदेश में सामाजिक और भौगोलिक दोनों तरह के पिछड़ेपन को दूर करने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।