Saturday, 10th of January 2026

प्रतापगढ़ फ़तह की तैयारी: अखिलेश यादव का 'चक्रव्यूह' और राजा भैया की चुनौती

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 09th 2026 03:31 PM  |  Updated: January 09th 2026 03:31 PM
प्रतापगढ़ फ़तह की तैयारी: अखिलेश यादव का 'चक्रव्यूह' और राजा भैया की चुनौती

प्रतापगढ़ फ़तह की तैयारी: अखिलेश यादव का 'चक्रव्यूह' और राजा भैया की चुनौती

प्रतापगढ़/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रतापगढ़ और ख़ासकर कुंडा की सियासत हमेशा से चर्चा का विषय रही है। शायद यही वजह है कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनज़र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बार प्रतापगढ़ ज़िले को लेकर एक 'मास्टर प्लान' तैयार किया है। दरअसल माना जा रहा है कि सपा का मक़सद रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के प्रभाव को चुनौती देना और ज़िले की सभी सीटों पर अपनी पकड़ मज़बूत करना है। उत्तर प्रदेश के सियासी जानकारों की मानें तो उत्तर प्रदेश में सत्ता वापसी की कोशिशों में जुटे अखिलेश यादव ने अब उन क़िलों पर नज़र गड़ा दी है, जिन्हें 'अजेय' माना जाता रहा है।

ये जगज़ाहिर है कि प्रतापगढ़ ज़िले में जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष राजा भैया का दशकों से दबदबा रहा है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों और सपा की नई रणनीति ने यहां के सियासी समीकरणों को गर्मा दिया है।

प्रतापगढ़ में चलेगा PDA फॉर्मूले का प्रयोग!

अखिलेश यादव ने प्रतापगढ़ में अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्ड को मज़बूती से लागू किया है।

एसपी सिंह पटेल की जीत: 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रतापगढ़ सीट से सपा प्रत्याशी एसपी सिंह पटेल की जीत ने यह साबित कर दिया कि राजा भैया के गढ़ में सेंध लगाई जा सकती है।

जातीय समीकरण: सपा ज़िले में कुर्मी, यादव और मुस्लिम वोटबैंक के साथ-साथ दलित समाज को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला रही है।

राजा भैया के क़रीबियों को साधना है ज़रुरी!

सपा की रणनीति का एक बड़ा हिस्सा राजा भैया के पुराने क़रीबियों को अपने पाले में करना है।

गुलशन यादव का मोहरा: कुंडा विधानसभा सीट पर कभी राजा भैया के बेहद ख़ास रहे गुलशन यादव को अखिलेश यादव ने चुनावी मैदान में उतारकर यह संदेश दिया था कि वे कुंडा के भीतर भी सीधी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

हालांकि, हाल के दिनों में कुछ अंतर्विरोध भी सामने आए हैं, लेकिन सपा का कैडर ग्राउंड स्तर पर सक्रिय है।

सपा कर रही है'कुंडा' की घेराबंदी!

राजा भैया का मुख्य केंद्र कुंडा और बाबागंज सीटें हैं। अखिलेश यादव की नई रणनीति के तहत:

प्रशिक्षण शिविर: सपा ने प्रतापगढ़ में बड़े प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर कार्यकर्ताओं को लामबंद किया है।

स्थानीय मुद्दों पर ज़ोर: सपा नेता अब स्थानीय स्तर पर जमीन क़ब्ज़ाने और सामंती व्यवस्था जैसे आरोपों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच जा रहे हैं, ताकि राजा भैया की 'जनप्रिय नेता' वाली छवि को चुनौती दी जा सके।

सियासी तालमेल और 'दोस्ती' का रहस्य

दिलचस्प बात यह है कि राजनीति में राजा भैया और अखिलेश यादव के रिश्ते कभी बहुत कड़वे तो कभी नरम रहे हैं।

राज्यसभा चुनाव के दौरान राजा भैया के रुख़ ने दोनों के बीच दूरियां बढ़ाई थीं, लेकिन हालिया विधानसभा सत्रों और कुछ सार्वजनिक बयानों में दोनों नेताओं के बीच एक 'ख़ामोश मर्यादा' भी देखी गई है। 

जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव एक तरफ़ तो उन्हें घेरने की रणनीति बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ भविष्य की संभावनाओं के लिए दरवाज़े पूरी तरह बंद नहीं किए हैं।

                          प्रतापगढ़ का वर्तमान राजनीतिक ढांचा        

विधानसभा क्षेत्र         वर्तमान विधायक/दल             सपा की स्थिति

कुंडा                      रघुराज प्रताप सिंह (JSD)        मुख्य विपक्षी चुनौती

बाबागंज                 विनोद सरोज (JSD)               प्रभाव बढ़ाने की कोशिश

प्रतापगढ़ सदर     राजेंद्र मौर्य (BJP)                    मज़बूत पकड़

पट्टी                         राम सिंह (SP)                          जीत बरक़रार रखने की चुनौती

रानीगंज               डॉ. आर.के. वर्मा (SP)           सक्रिय अभियान

कुल-मिलाकर अखिलेश यादव की प्रतापगढ़ के प्रति यह सक्रियता बताती है कि वे अब 'किंगमेकर' की भूमिका निभाने वाले स्थानीय क्षत्रपों के भरोसे रहने के बजाय खुद 'किंग' बनने की तैयारी में हैं। बहरहाल राजा भैया के लिए भी यह समय अपनी विरासत बचाने की कड़ी परीक्षा जैसा है, अब देखने वाली बात यही रहेगी कि इस बाज़ी को कौन पलटने वाला बाज़ीगर कौन होगा?