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लुधियाना, पंजाब: लुधियाना स्थित सीटी यूनिवर्सिटी (CT University) ने अपने कुलपति डॉ. नितिन टंडन को फौरन हटाने का आदेश दे दिया है। यह कदम छात्रों के बड़े प्रदर्शन के बाद उठाया गया, खासकर कश्मीरी छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर। छात्रों ने आरोप लगाया कि रमज़ान के दौरान उन्हें “सीहरी/इफ्तारी” के समय उचित भोजन व सुविधा नहीं दी जा रही थी और जब उन्होंने कुलपति से शिकायत की तो प्रशासन ने आपत्तिजनक व्यवहार किया। इससे छात्रों का गुस्सा बढ़ा और प्रदर्शन भड़क गया।
आखिर छात्रों में बवाल की वजह क्या है ?
दरअसल, विवाद की शुरुआत छात्रों के अनुकूल धर्म-संवेदी व्यवस्थाओं की कमी और शिकायत के जवाब में कथित कुलपति के दुर्व्यवहार से हुई। इससे पहले छात्रों ने कई बार प्रशासन से समस्याओं को हल करने का आग्रह किया, लेकिन समाधान न मिलने पर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शनों में इजाफ़ा हुआ, जिससे विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कुलपति के खिलाफ भारी गुस्सा फैला।
Ludhiana, CT University.Kashmiri Muslims student in @CT_University , were abused & assaulted by the staff when they requested for #Iftar .In the video, the Univ. Officials are clearly heard abusing Kashmiri students & threatening to throw them out.@RuhullahMehdi @Office_ASRM pic.twitter.com/wv4ft0ddSc
— TA_backup_2nd (@TA_backup_2nd) February 24, 2026
धार्मिक भेदभाव के चलते हुआ विरोध-प्रदर्शन
अंततः इस अशांति के बीच विश्वविद्यालय प्रबंधन और चांसलर ने विचार करके कुलपति को बर्खास्त कर दिया, जिससे छात्रों को कुछ राहत मिली है। पंजाब के सीटी यूनिवर्सिटी, लुधियाना में मुस्लिम कश्मीरी छात्रों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने रमज़ान के दौरान सीहरी और इफ्तार के लिए उचित भोजन व्यवस्था की मांग की, तो उन्हें धमकी दी गई, हॉस्टल से हटाने तक को कहा गया और कुलपति तथा कुछ प्रशासनिक अधिकारियों ने भय-दहशत का माहौल बनाया। स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने इसे धार्मिक भेदभाव बताया।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा कि छात्रों के साथ धमकी, अपमानजनक भाषा और उनकी रिहाई को लेकर डर पैदा किया गया।