लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार (2 दिसंबर, 2025) को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से पर्यटन, खेल, दिव्यांग कल्याण और शहरी विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों को नई गति मिलेगी।
मुख्य प्रस्ताव और महत्वपूर्ण घोषणाएँ
कैबिनेट में पास हुए प्रमुख प्रस्ताव निम्नलिखित हैं:
1. पर्यटन एवं अयोध्या को सौगात
अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय: कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला अयोध्या में एक अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय के निर्माण को मंज़ूरी देना रहा। इसके लिए 52.102 एकड़ नजूल भूमि टाटा एंड संस को हस्तांतरित की जाएगी। यह संग्रहालय भारतीय सनातन परंपरा और मंदिर संस्कृति को भावी पीढ़ी के सामने विस्तार से प्रस्तुत करेगा।
#UPCM @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में अयोध्या में प्रस्तावित विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय परियोजना का दायरा बढ़ाते हुए कुल 52.102 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया।-टाटा सन्स सीएसआर मॉडल के तहत संग्रहालय के निर्माण व संचालन की जिम्मेदारी… pic.twitter.com/VDM5jwytqL
— Government of UP (@UPGovt) December 2, 2025
पर्यटन सेवा नियमावली: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली, 2025 को हरी झंडी दी गई। इससे पर्यटन विभाग की संगठनात्मक संरचना मजबूत होगी और पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी।
2. खिलाड़ियों के लिए बड़ा निर्णय
ड्यूटी माने जाने का प्रावधान: सरकारी नौकरी में कार्यरत राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों द्वारा प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों में बिताया गया समय अब उनकी 'ड्यूटी' (On Duty) माना जाएगा। इस फ़ैसले से खिलाड़ियों को इवेंट के लिए अनुमति लेने में आसानी होगी और उनकी छुट्टी/वेतन कटौती की समस्या दूर होगी।
#UPCM @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में खिलाड़ियों के हित में हुआ ऐतिहासिक निर्णयराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले उत्तर प्रदेश के सेवायोजित खिलाड़ियों की प्रतियोगिता में सहभागिता, प्रशिक्षण शिविर और आवागमन अवधि को अब… pic.twitter.com/mqAGEYO0XH
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वाराणसी में स्पोर्ट्स सेंटर: वाराणसी स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा को उच्च स्तरीय खेल सुविधाओं से लैस करने के लिए एमओयू (समझौता ज्ञापन) को मंज़ूरी दी गई।
3. दिव्यांगजन कल्याण एवं स्वास्थ्य
जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC): प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालयों पर नए ज़िला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) स्थापित करने और उनके संचालन को राज्य सरकार के संसाधनों से किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ।
#UPCM @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में दिव्यांगजन कल्याण को समर्पित एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया...प्रदेश के प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर 'जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र' (DDRC) की स्थापना एवं राज्य सरकार के संसाधनों से संचालन किए जाने की मंजूरी दी… pic.twitter.com/z7qR3GOA4q
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कानपुर में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल: कानपुर में नजूल की ज़मीन पर मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल स्थापित करने के लिए 45,000 वर्ग मीटर भूमि कानपुर विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित करने को स्वीकृति मिली।
4. शहरी विकास और बुनियादी ढाँचा
पेयजल परियोजनाएं: अटल नवीकरण और शहरी रूपान्तरण मिशन (अमृत 2.0) के तहत कानपुर और बरेली नगर निगम क्षेत्रों में 582.74 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई।
#UPCM @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में हुए निर्णय शहरों की बड़ी आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में सिद्ध होंगे मील का पत्थर...अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत बरेली और कानपुर में ₹582.74 करोड़ की दो बड़े पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे… pic.twitter.com/D1OFPQCRGf
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इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति में सुधार: इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए, जिसके तहत न्यूनतम 12.50 एकड़ भूमि पर भी इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने का रास्ता साफ़ हो गया।
पूर्व में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
विभिन्न कैबिनेट बैठकों में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निम्नलिखित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई:
गेहूं की ख़रीद: केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,425 प्रति क्विंटल पर गेहूं की खरीद को मंज़ूरी दी गई।
ई-स्टांपिंग: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ₹10,000 से ₹25,000 तक के भौतिक स्टाम्प पेपर को चरणबद्ध तरीक़े से ख़त्म करके ई-स्टांप को अनिवार्य किया गया।
औद्योगिक भूमि: औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कानपुर, फतेहपुर, ग़ाज़ीपुर, सीतापुर, प्रयागराज और बुलंदशहर में बंद कताई मिलों की 451.20 एकड़ भूमि को मुफ्त में UPSIDA को हस्तांतरित किया गया।
रक्षा गलियारा: लखनऊ में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत डिफेंस टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कीम (DTIS) की स्थापना के लिए भूमि के मुफ़्त हस्तांतरण को मंजूरी दी गई।
कुल-मिलाकर योगी कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।