Saturday, 17th of October 2026

जल्द हो सकता है उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का ऐलान! दौड़ में आगे हैं दलित और ओबीसी चेहरे!

Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at:
जल्द हो सकता है उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का ऐलान! दौड़ में आगे हैं दलित और ओबीसी चेहरे!

जल्द हो सकता है उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का ऐलान! दौड़ में आगे हैं दलित और ओबीसी चेहरे!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर गहमागहमी तेज़ हो गई है। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल जनवरी 2024 में ही ख़त्म हो चुका है और इस महत्वपूर्ण पद पर नए चेहरे की तलाश जारी है। आगामी 2026 के पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र यह नियुक्ति बेहद अहम मानी जा रही है। जानकारी के मुताबिक़, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस पद के लिए जातिगत समीकरणों को साधने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का मुक़ाबला करने के लिए भाजपा भी अपने जातिगत प्रतिनिधित्व को मज़बूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

दावेदारों में आगे हैं ओबीसी और दलित समुदाय!

सूत्रों की मानें तो नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) और दलित समुदाय के नेताओं को शीर्ष दावेदारों में माना जा रहा है। पार्टी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि:

ओबीसी नेता: ओबीसी समुदाय से जुड़े नेता फिलहाल सबसे मज़बूत दावेदारों में सबसे आगे हैं। हाल ही में घोषित ज़िला अध्यक्षों की सूची में भी बड़ी संख्या में ओबीसी नेताओं की नियुक्ति इसी ओर इशारा करती है।

दलित चेहरे: दलित समुदाय से भी कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं। पार्टी दलित वोट बैंक को साधने के लिए एक मजबूत दलित चेहरे को आगे ला सकती है।

अन्य विकल्प: इसके अलावा, पार्टी ब्राह्मणों को साधने के लिए किसी ब्राह्मण चेहरे या संगठनात्मक अनुभव वाली किसी महिला नेता को भी आगे लाने पर विचार कर सकती है।

चयन में क्या रह सकते हैं मापदंड?

नए अध्यक्ष के चयन में निम्नलिखित मापदंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे:

जातिगत प्रतिनिधित्व: राज्य के जटिल जातिगत समीकरणों को संतुलित करना।

संगठनात्मक अनुभव: संगठन में लंबा और सफल अनुभव।

नेतृत्व से तालमेल: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बेहतर तालमेल।

जल्द घोषणा की है संभावना

BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच हाल ही में हुई समन्वय बैठकों में भी नए अध्यक्ष के नाम पर गहन मंथन हुआ है। माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने नाम को अंतिम रूप दे दिया है और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि यह नियुक्ति अब और अधिक लंबित नहीं रहेगी, क्योंकि इसे पंचायत चुनावों से पहले पूरा करना है।