लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में खेलों और खिलाड़ियों के उत्थान के लिए एक अभूतपूर्व और महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए आधारभूत संरचना और वित्तीय सहायता दोनों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी खेल राज्य बनाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को तैयार करना है।
आधारभूत संरचना पर ज़ोर: खेल सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेल सुविधाओं को ज़मीनी स्तर तक ले जाने के लिए कई बड़े क़दम उठाए हैं:
75 ज़िलों में स्टेडियम: सरकार ने यूपी के सभी 75 ज़िलों में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त स्टेडियम बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसका लक्ष्य खिलाड़ियों को उनके गृह ज़िले में ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करना है।
हर कमिश्नरी मुख्यालय पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज होना चाहिए...हर जिला मुख्यालय में एक स्टेडियम होना चाहिए, हर ब्लॉक लेवल पर एक मिनी स्टेडियम का निर्माण होना चाहिए,युद्ध स्तर पर इन कार्यक्रमों के साथ सरकार जुड़ी है... pic.twitter.com/34tpxwAYAM
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 4, 2025
हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम: जिलों के साथ-साथ, हर ब्लॉक (खंड) में मिनी स्टेडियम बनाने की योजना पर काम चल रहा है। मिनी स्टेडियम ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सामने लाने का मुख्य केंद्र बनेंगे, जिससे ग्रासरूट लेवल पर खेलों को बढ़ावा मिलेगा।
मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी: खेलों के समग्र विकास के लिए, मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण प्रगति पर है। यह यूनिवर्सिटी खेल विज्ञान, खेल प्रबंधन और उच्च स्तरीय कोचिंग में विशेषज्ञता प्रदान करेगी, जिससे यूपी में खेल संस्कृति को पेशेवर आयाम मिलेगा।
वित्तीय और शैक्षणिक सहायता
खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और शिक्षण संस्थानों को खेलों से जोड़ने के लिए विशेष अनुदान दिए जा रहे हैं:
स्कूलों और कॉलेजों को विशेष अनुदान: सरकार ने राज्य के स्कूलों और कॉलेजों को खेल सामग्री खरीदने के लिए विशेष अनुदान देने की घोषणा की है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि छात्रों को बचपन से ही अच्छी गुणवत्ता वाले उपकरण और खेल सामग्री उपलब्ध हो, जिससे उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिल सके।
कोचिंग और ट्रेनिंग पर ध्यान: इस योजना के तहत बेहतर कोचों को नियुक्त करने और खिलाड़ियों के लिए वैज्ञानिक और आधुनिक ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने पर भी ज़ोर दिया गया है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रेरणा: उन्होंने यूपी के खिलाड़ियों से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है, लेकिन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन करना होगा।
वर्ष 2030 में भारत में Commonwealth Games के आयोजन की घोषणा हुई है...हमारे खिलाड़ी अभी से तैयारी करें... pic.twitter.com/YwRuGDEBMz
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 4, 2025
खेलों को करियर के रूप में देखना: मुख्यमंत्री ने युवाओं को खेलों को केवल शौक के रूप में नहीं, बल्कि एक सफल करियर के रूप में देखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि खेल में सफलता प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल उत्तर प्रदेश में खेलों के एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है, जो न केवल शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर चमकने का अवसर भी देगी।