Saturday, 17th of October 2026

लखनऊ को मिलेगी नई पहचान: गोमती नदी पर बनेगा 54 करोड़ का 'स्माइलिंग ब्रिज'

Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at:
लखनऊ को मिलेगी नई पहचान: गोमती नदी पर बनेगा 54 करोड़ का 'स्माइलिंग ब्रिज'

लखनऊ को मिलेगी नई पहचान: गोमती नदी पर बनेगा 54 करोड़ का 'स्माइलिंग ब्रिज'

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सौंदर्य में जल्द ही एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। गोमती नदी के ऊपर 54 करोड़ रुपये की लागत से एक 'स्माइलिंग पेडेस्ट्रियन ब्रिज' (Smiling Pedestrian Bridge) का निर्माण किया जाएगा, जो रिवर फ्रंट के दोनों किनारों को जोड़ेगा। अहमदाबाद के अटल ब्रिज की तर्ज पर डिज़ाइन किया गया यह आकर्षक पुल, शहर की 'मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं' थीम को साकार करेगा और इसे एक नई पहचान देगा।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं और लागत

लागत: इस महत्वपूर्ण परियोजना पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा करीब 54 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

लंबाई और चौड़ाई: मुख्य पुल की लंबाई 180 मीटर होगी। रैंप और प्लेटफॉर्म को मिलाकर इसकी कुल लंबाई 380 मीटर तक होगी, जबकि इसकी चौड़ाई 12 मीटर रखी जाएगी ताकि पैदल चलने वालों को पर्याप्त जगह मिल सके।

उद्देश्य: यह पुल विशेष रूप से पैदल यात्रियों और साइकिल चलाने वालों के लिए होगा, जिससे यह यातायात के बजाय पर्यटन को बढ़ावा देगा। यह रिवर फ्रंट को आपस में जोड़कर शहर के पर्यटन और सौंदर्य को बढ़ाएगा।

डिज़ाइन थीम: ब्रिज को 'मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं' की 'स्माइलिंग' थीम पर तैयार किया जा रहा है, जिसकी झलक इसकी संरचना और लाइटिंग में साफ दिखाई देगी।

आकर्षक डिज़ाइन और विशेष सुविधाएं

ब्रिज को आकर्षक और अनूठा बनाने के लिए इसमें कई विशेष सुविधाओं को शामिल किया जा रहा है:

लाइटिंग: रात के समय पुल की सुंदरता को बढ़ाने के लिए स्ट्रीट लाइट्स, बोलार्ड लाइट्स और फ्लोर लाइट्स लगाई जाएंगी, जो इसकी सुंदर आकृति को उजागर करेंगी।

लैंडस्केपिंग: पुल पर सजावटी पौधों और छोटे फूलदार वृक्षों के साथ आकर्षक लैंडस्केपिंग का कार्य किया जाएगा।

सामग्री: निर्माण में स्टील ट्यूबलर सेक्शन, स्टाम्प कंक्रीटिंग, जीआरसी पैनल, ग्रेनाइट, एसीपी पैनल और टेंसाइल स्ट्रक्चर से रूफिंग का उपयोग किया जाएगा, जो इसे टिकाऊ और सुंदर बनाएगा।

व्यूइंग जोन: ब्रिज के नीचे 30 और 40 मीटर चौड़े स्पैन प्लेट गर्डर्स होंगे, जहाँ खड़े होकर लोग गोमती नदी और उसमें चलते क्रूज का शानदार नज़ारा देख सकेंगे।

कार्य प्रगति

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इस ब्रिज के निर्माण की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। परियोजना का काम शासन से स्वीकृति मिलते ही शुरू कर दिया जाएगा। एक बार तैयार होने के बाद, यह ब्रिज लखनऊ के रिवर फ्रंट को एक महत्वपूर्ण आकर्षण केंद्र बना देगा, जिससे यह शाम की सैर और सोशल मीडिया पर तस्वीरें लेने का एक नया हॉटस्पॉट बन सकता है।