लखनऊ: कोडीन कफ़ सिरप के अवैध सिंडिकेट मामले का मुख्य आरोपी माने जा रहे शुभम जायसवाल को पकड़ने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। बीते दिन, गुरुवार को ED ने शुभम जायसवाल के वाराणसी स्थित दो ठिकानों पर नोटिस चस्पा किए। इस बीच, पुलिस की गिरफ़्त से बाहर चल रहे शुभम जायसवाल का एक एक्सक्लूसिव 13 मिनट का वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की अपील की है।
वीडियो में शुभम ने दी सफ़ाई, ख़ुद को बताया 'बेक़सूर'
फ़रार चल रहे आरोपी शुभम जायसवाल ने अपने जारी किए गए वीडियो में ख़ुद पर लगे सभी गंभीर आरोपों पर सफ़ाई दी है।
ED और STF के एक्शन से ख़ौफ़ में आया ड्रग माफिया ! शुभम जायसवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगाई निष्पक्ष जाँच की गुहार । अखिलेश यादव और संसद में धर्मेंद्र यादव के बयान पर भी दी सफाई । शुभम ने सफाई में कहा “मेरा परिवार व्यापारी है हम व्यापार… pic.twitter.com/Lvs2SUInV1
— Awanish M Vidyarthi (@awanishvidyarth) December 5, 2025
आरोपों का खंडन: उसने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उसे इस पूरे सिंडिकेट में फंसाया जा रहा है और वह किसी भी तरह के अवैध कारोबार में शामिल नहीं है।
न्याय की गुहार: वीडियो में वह भावनात्मक अपील करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग कर रहा है और यह दावा कर रहा है कि सच्चाई जल्द सामने आएगी।
साज़िश का दावा: उसने इशारा किया है कि यह सब एक बड़ी साजिश का हिस्सा है जिसका मक़सद उसके और उसके परिवार के नाम को ख़राब करना है।
वीडियो की सत्यता और उसके जारी होने के स्थान की जांच एजेंसियां कर रही हैं।
ED और पुलिस की कार्रवाई जारी, परिवार और दोस्त गिरफ़्तार
कोडीन कफ़ सिरप सिंडिकेट के भंडाफोड़ के बाद से ही शुभम जायसवाल फरार है, लेकिन एजेंसियां उसके नेटवर्क को तोड़ने और सहयोगियों को पकड़ने में सफ़ल रही हैं।
पिता और दोस्त गिरफ़्तार: पुलिस ने मामले में शुभम के पिता भोला प्रसाद और उसके एक करीबी दोस्त अमित सिंह (टाटा) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इन गिरफ़्तारियों से पुलिस को सिंडिकेट के संचालन और वित्तीय लेन-देन के बारे में महत्वपूर्ण सुराग़ मिले हैं।
ED की कार्रवाई:
अवैध धन शोधन (Money Laundering) के पहलुओं की जांच कर रहे ED ने शुभम जायसवाल के संपत्ति संबंधी ठिकानों पर नोटिस चस्पा कर दिए हैं। यह नोटिस उसे जांच में शामिल होने और अपनी संपत्तियों के स्रोतों का ख़ुलासा करने के लिए दिया गया है।
दुबई भागने की अटकलें तेज़
जांच एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से यह आशंका जताई जा रही है कि शुभम जायसवाल गिरफ़्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर दुबई भाग चुका है। एजेंसियां अब शुभम की अंतर्राष्ट्रीय यात्रा रिकॉर्ड्स और उसके विदेशी कनेक्शनों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि वीडियो भी उसने विदेश से ही जारी किया है। पुलिस अब इंटरपोल (Interpol) की मदद लेने और उसके ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट का यह मामला उत्तर प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर एक बड़ा प्रहार है, जिसमें मुख्य आरोपी के फरार होने से जांच की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एजेंसियाँ अब उसके फाइनेंशियल ट्रेल और डिजिटल फुटप्रिंट पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द उसे गिरफ़्तार किया जा सके।