Friday, 9th of October 2026

उत्तर प्रदेश में SIR लागू होने से पंचायत चुनावों में ना हो जाए देर!

Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at:
उत्तर प्रदेश में SIR लागू होने से पंचायत चुनावों में ना हो जाए देर!

उत्तर प्रदेश में SIR लागू होने से पंचायत चुनावों में ना हो जाए देर!

लखनऊ: विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान (S.I.R.) उत्तर प्रदेश आ पहुंचा है। जी हां,उत्तर प्रदेश को विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में शामिल किए जाने से इसका असर पंचायत चुनाव की तैयारियों पर पड़ना भी तय माना जा रहा है। गौरतलब है कि लोकसभा-विधानसभा और पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियां अलग-अलग हैं, जबकि, इन सूचियों को अपडेट करने की ज़िम्मेदारी उठाने वाले निचले स्तर के कर्मचारी कॉमन हैं, इसलिए दिक्क़तें आना तय माना जा रहा है।

आपको बता दें कि यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अगले साल अप्रैल-मई में होने हैं। यही वजह है कि इन दिनों पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियों को अपडेट करने का काम ज़ोर-शोर से चल रहा है। जानकारी के मुताबिक़, 1 जनवरी 2025 के आधार पर मतदाता सूची दुरुस्त करने के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब सभी एसडीएम डाटा चेकिंग के बाद इसे ऑनलाइन फीड करवाने का काम करेंगे। मतदाता सूची का मसौदा (अनंतिम सूची) 5 दिसंबर को प्रकाशित होगा। जबकि, फाइनल सूची 15 जनवरी 2026 को प्रकाशित करने की घोषणा की गई है।

सूत्रों के दावों की मानें तो इसके बाद पंचायत चुनाव की मतदाता सूचियों में उन युवा मतदाताओं को शामिल करने का अभियान भी चलेगा, जो 1 जनवरी 2026 को 18 साल के हो जाएंगे। इसी बीच 28 अक्तूबर से 7 फरवरी के बीच एसआईआर का काम पूरा करना होगा। जानकारों का कहना है कि दोनों ही तरह की मतदाता सूचियों के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) कॉमन हैं, इसलिए काम का भार कम करने के तरीक़े भी निकालने होंगे। इसके लिए यह भी हो सकता है कि स्थानीय प्रशासन कुछ और बीएलओ देकर ज़िम्मेदारियों को बांट दें।

क्या पंचायत चुनाव टल सकते हैं?

पंचायतीराज विभाग से मिली गुप्त जानकारी के बक़ौल, ये चुनाव पंचायतों का कार्यकाल ख़त्म होने के छह माह पहले या बाद तक कराए जा सकते हैं। इसलिए छह माह से ज़्यादा चुनाव टालने पर केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता रुक जाएगी, फ़िर यूपी में वर्ष 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी पंचायत चुनावों को टालना मुमकिन नहीं होगा, लिहाज़ा इन सब हालात के मद्देनज़र बीच ही समाधान ढूंढने होंगे।