Trending:
वाराणसी: धर्म नगरी काशी के सबसे व्यस्ततम और पुराने बाज़ारों में से एक दालमंडी में बुधवार को सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन का 'बुलडोज़र एक्शन' और मैनुअल ध्वस्तीकरण अभियान बड़े पैमाने पर शुरू हुआ। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस परियोजना के तहत दर्जनों संपत्तियों पर हथौड़े चले।
#WATCH वाराणसी: एसीपी दशाश्वमेध घाट अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया, "8 भवन चिन्हित हैं जिन पर आज ध्वस्तिकरण की कार्रवाई होनी है। 3 भवनों पर काम शुरू हो गया है। सुरक्षा की दृष्टिगत 400 से अधिक पुलिस बल की तैनाती की गई है।" https://t.co/YTNvng1G2z pic.twitter.com/h3QoDapS8l
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 21, 2026
मुख्य बिंदु: कार्रवाई की वर्तमान स्थिति
सड़क की चौड़ाई: लगभग 650 मीटर लंबी सड़क को 17.4 मीटर तक चौड़ा किया जाना है।
चिन्हित भवन: परियोजना के दायरे में कुल 187 भवन आ रहे हैं, जिन्हें हटाया जाना है।
ताज़ा कार्रवाई: बुधवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) और वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की टीम ने भारी सुरक्षा के बीच 8 और मकानों/दुकानों को तोड़ने का काम शुरू किया। अब तक कुल 25 संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
सुरक्षा व्यवस्था: पूरे इलाक़े को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मौके पर पीएसी (PAC), स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।
क्यों हो रहा है ध्वस्तीकरण?
दालमंडी की गलियां बेहद संकरी हैं, जिससे यहां हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। ₹221 करोड़ से ज़्यादा की लागत वाली इस परियोजना का लक्ष्य नई सड़क से चौक तक के मार्ग को चौड़ा करना है। प्रशासन ने साफ़ कर दिया है कि केवल उन्हीं भवनों को तोड़ा जा रहा है:
जिनकी रजिस्ट्री सरकार के नाम हो चुकी है और मुआवज़ा दिया जा चुका है।
जिन्हें वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने अवैध निर्माण घोषित किया है।
स्थानीय विरोध और मुआवज़ा
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने अपनी आजीविका छिनने का हवाला देते हुए नाराज़गी जताई। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि प्रभावितों को उचित मुआवज़ा दिया जा रहा है। अब तक लगभग ₹14 करोड़ का मुआवज़ा वितरित किया जा चुका है और कुल ₹194 करोड़ का बजट मुआवज़े के लिए निर्धारित है।
"यह कार्रवाई यातायात सुधारने और शहर के विकास के लिए अनिवार्य है। सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए शांतिपूर्वक काम कराया जा रहा है।" — ADM (सिटी), आलोक कुमार वर्मा
भविष्य की योजना
प्रशासन ने इस परियोजना को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। आने वाले दिनों में और अधिक रजिस्ट्रीशुदा भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से फ़िलहाल दालमंडी में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है और केवल पैदल यात्रियों को ही इजाज़त दी जा रही है।