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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती (पराक्रम दिवस) के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी लखनऊ के परिवर्तन चौक स्थित नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
"विराट व्यक्तित्व और अटूट श्रद्धा"
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि नेताजी का नाम सुनते ही हर भारतीय के मन में गर्व और सम्मान का भाव स्वतः ही जागृत हो जाता है। उन्होंने नेताजी के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा:
"नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की आज़ादी का एक ऐसा नाम है जिसके माध्यम से उनका विराट व्यक्तित्व हर एक भारतीय के सामने अपने आप आता हुआ दिखाई देता है। नेताजी ने आज़ादी की लड़ाई में एक नई दिशा दी थी और उनका व्यक्तित्व हर भारतीय को प्रभावित करता है।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नेताजी ने "दिल्ली चलो" और "तुम मुझे ख़ून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा" जैसे नारों के माध्यम से देश के युवाओं में राष्ट्रभक्ति की जो ज्वाला जलाई थी, वह आज भी हमें प्रेरित करती है।
'नेताजी' सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में... https://t.co/tO5N9Phb6h
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 23, 2026
पराक्रम दिवस: शौर्य और राष्ट्रवाद का प्रतीक
2021 में केंद्र सरकार द्वारा नेताजी की जयंती को 'पराक्रम दिवस' के रूप में घोषित किए जाने के बाद से इसे पूरे देश में बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है। सीएम योगी ने इस फ़ैसले की सराहना करते हुए कहा कि आज का भारत अपनी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और यह नेताजी जैसे राष्ट्रनायकों के विजन का ही परिणाम है।
युवाओं के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों और कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही नेताजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि आज जब भारत एक ग्लोबल पावर के रूप में उभर रहा है, तो नेताजी के त्याग और साहस की कहानियां हमारे लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाती हैं।
यूपी में उत्सव का माहौल
नेताजी की जयंती के साथ ही उत्तर प्रदेश में आयोजनों का सिलसिला शुरू हो गया है:
23 जनवरी: पराक्रम दिवस (नेताजी जयंती) पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम।
24-26 जनवरी: 'उत्तर प्रदेश दिवस' का भव्य आयोजन, जिसकी थीम इस बार प्रदेश की विरासत और विकास पर आधारित है।
प्रशासन ने इस अवसर पर स्कूलों और कॉलेजों में वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, निबंध लेखन और देशप्रेम से ओतप्रोत नाटकों के मंचन का भी निर्देश दिया है।