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‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ के बाद अब UP में ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ का मॉडल

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 03rd 2025 12:41 PM  |  Updated: December 03rd 2025 04:10 PM
‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ के बाद अब UP में ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ का मॉडल

‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ के बाद अब UP में ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ का मॉडल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए लाए गए ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ (Ease of Doing Business - EoDB) की सफ़लता के बाद, अब ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living - EoL) के एक व्यापक मॉडल पर काम शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सुधार किया जाए।

‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ पर योगी सरकार का विज़न 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश न केवल निवेश के लिए बल्कि रहने के लिए भी देश का सबसे उत्तम राज्य बने। यह पहल प्रदेश को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है। सीएम योगी ने कहा, "उत्तर प्रदेश 'ईज ऑफ लिविंग' का मानक प्रदेश बन रहा है। हमारी प्राथमिकता लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा, सुरक्षित सार्वजनिक स्थान और तकनीक-आधारित सेवाएं प्रदान करना है।"

उन्होंने कहा कि यह नया रोडमैप मुख्य रूप से नगरीय क्षेत्रों के समेकित विकास और आधुनिक नियोजन पर केंद्रित है, जिसका खाका स्टेकहोल्डर्स के सुझावों के आधार पर तैयार किया जा रहा है।

प्रमुख फ़ोकस क्षेत्र और पहल

‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ सूचकांक को बेहतर बनाने के लिए, सरकार ने शहरी विकास के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया है:

1. कुशल शहरी परिवहन और कनेक्टिविटी:

मेट्रो रेल का विस्तार और नई परियोजनाओं को गति देना।

बस सेवाओं का आधुनिकीकरण और सुचारु संचालन।

ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना।

जाम-मुक्त एकीकृत सड़क नेटवर्क का निर्माण।

रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम और रोप-वे परियोजनाओं को गति देना।

2. पर्यावरण अनुकूल अवसंरचना:

ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) प्रणालियों में सुधार।

स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित करना।

पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हरित गलियारों (Green Corridors) का विकास।

प्रदूषण नियंत्रण और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान।

3. तकनीक-आधारित नागरिक सेवाएं और आवास:

स्मार्ट सिटी मिशन का प्रदेश भर में विस्तार।

सभी नागरिक सेवाओं को तकनीक-सक्षम बनाना।

बेहतर आवास सुविधाएँ, खासकर EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और LIG (निम्न आय वर्ग) के लिए इंटीग्रेटेड टाउन प्लानिंग स्कीमों को लागू करना।

नगर निकायों की क्षमता वृद्धि और उनके प्रदर्शन सूचकांक को बेहतर बनाना।

4. सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं:

सभी सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाना।

उत्तम प्रकाश व्यवस्था (Advanced Lighting Systems) सुनिश्चित करना।

स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना।

पार्क और मनोरंजन स्थलों का विकास।

EoDB से EoL तक का सफ़र 

योगी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में 4,675 से अधिक प्रशासनिक सुधार और 2,500 व्यवसाय केंद्रित बदलाव लागू करके 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। अब 'ईज़ ऑफ़ लिविंग' के साथ, सरकार का प्रयास है कि औद्योगिक और नागरिक जीवन, दोनों मोर्चों पर प्रदेश एक रोल मॉडल बने।