Sunday, 11th of January 2026

यूपी मंत्रिमंडल विस्तार: भूपेंद्र चौधरी की वापसी तय, तीसरे डिप्टी सीएम का हो सकता है ऐलान

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 16th 2025 04:48 PM  |  Updated: December 16th 2025 04:48 PM
यूपी मंत्रिमंडल विस्तार: भूपेंद्र चौधरी की वापसी तय, तीसरे डिप्टी सीएम का हो सकता है ऐलान

यूपी मंत्रिमंडल विस्तार: भूपेंद्र चौधरी की वापसी तय, तीसरे डिप्टी सीएम का हो सकता है ऐलान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता लगभग साफ़ हो गया है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केंद्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक बदलाव के बाद अब प्रदेश सरकार में संतुलन साधने के लिए कैबिनेट विस्तार की हरी झंडी दे दी है। मौजूदा मंत्रिपरिषद में इस समय 6 पद खाली हैं, जिन्हें जल्द ही भरा जा सकता है।

यह विस्तार न केवल खाली पदों को भरने के लिए होगा, बल्कि इसका उद्देश्य आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधकर सरकार को और अधिक मज़बूती प्रदान करना भी है।

भूपेंद्र चौधरी की कैबिनेट में वापसी तय

संगठन में बड़ा फेरबदल होने के बाद अब उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की सरकार में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर जाट नेता हैं और उनके पास पूर्व में पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभाग की ज़िम्मेदारी रही है।

कारण: पार्टी में 'एक व्यक्ति, एक पद' सिद्धांत लागू होने और संगठन पर्व के समापन के बाद उन्हें सरकार में बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। उनकी वापसी से पश्चिमी यूपी में जाट समुदाय के बीच पार्टी की पकड़ मज़बूत होने की उम्मीद है।

एससी समुदाय से तीसरे डिप्टी सीएम की अटकलें तेज़

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सबसे बड़ी अटकलें तीसरे उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) के पद को लेकर हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस विस्तार में अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के किसी वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता को डिप्टी सीएम बनाकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है।

राजनीतिक समीकरण: यूपी में पहले से ही दो डिप्टी सीएम - केशव प्रसाद मौर्य (ओबीसी) और ब्रजेश पाठक (ब्राह्मण) हैं। एससी समुदाय से तीसरा डिप्टी सीएम बनाने से दलित वर्ग को एक बड़ा प्रतिनिधित्व मिलेगा, जो विपक्ष के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट के तौर पर देखा जा रहा है।

उद्देश्य: इस क़दम से राज्य की लगभग 21% दलित आबादी के बीच भाजपा अपनी पैठ और मज़बूत करने की कोशिश करेगी।

खाली पदों का गणित और संभावित फे़रबदल

उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं, जबकि वर्तमान में कुल मंत्रियों की संख्या लगभग 54 है, जिससे 6 पद खाली हैं।

लोक निर्माण विभाग (PWD) का पद: पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद PWD जैसे महत्वपूर्ण विभाग का कैबिनेट मंत्री पद लंबे समय से खाली है।

अन्य खाली पद: अन्य विभागों में भी कुछ राज्यमंत्रियों के पद रिक्त हैं।

विभागों में बदलाव: सूत्रों की मानें तो कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी हो सकता है। परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ ऊर्जावान और युवा चेहरों को भी मौक़ा दिए जाने की संभावना है।

कुल मिलाकर, योगी कैबिनेट का यह विस्तार आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जातीय, क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन साधने का एक बड़ा प्रयास होगा। सभी की निगाहें अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा आलाकमान के अंतिम फै़सले पर टिकी हैं कि कब और किन चेहरों को टीम योगी में शामिल किया जाता है।