Saturday, 11th of April 2026

नौ दिवसीय 'गोरखपुर पुस्तक महोत्सव' बना 'साहित्यिक उत्सव' की नज़ीर

By: GTC News Desk | Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at: November 01st 2025 12:00 PM
नौ दिवसीय 'गोरखपुर पुस्तक महोत्सव' बना 'साहित्यिक उत्सव' की नज़ीर

नौ दिवसीय 'गोरखपुर पुस्तक महोत्सव' बना 'साहित्यिक उत्सव' की नज़ीर

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौर में गोरखपुर रोज़ाना तरक़्क़ी के नए आयाम छू रहा है। जहां एक ओर प्रयागराज ने धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के अद्भुत महाकुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन सबकी यादों में रच-बस गया है। वहीं बात करें सीएम सिटी गोरखपुर की, तो गोरखपुर भी विकास के मामले में किसी बड़े शहर से कम नहीं है, बल्कि अब तो इक्कीस बनने की तरफ़ अग्रसर है।

इसी फेहरिस्त में अब बारी ‘साहित्यिक महाकुंभ’ की है। दरअसल साहित्यिक महाकुंभ का यह आयोजन 'गोरखपुर पुस्तक महोत्सव' के तौर पर 'दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय' के परिसर में होने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक़, 1 नवंबर से 9 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

गौरतलब है कि गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में ‘प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव’ का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट (राष्ट्रीय पुस्तक न्यास) की तरफ़ से किया जा रहा है। यह कार्यक्रम गोरखपुर की गहरी आध्यात्मिक, कलात्मक और साहित्यिक विरासत का एक भव्य उत्सव होगा। इस पुस्तक महोत्सव में रोज़ाना 11 बजे से रात 8 बजे तक शामिल हो सकेंगे। इसमें सभी के लिए प्रवेश नि:शुल्क होगा। पुस्तक महोत्सव के उद्घाटन के मौक़े पर मुख्यमंत्री के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन समेत कई गणमान्यजन मौजूद थे।

नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक युवराज मलिक के बक़ौल, प्रथम पुस्तक महोत्सव में 100 से ज़्यादा प्रकाशकों के 200 से भी ज़्यादा पुस्तकों के स्टॉल लगेंगे, जहां हिंदी, अंग्रेज़ी और अनेक भारतीय भाषाओं की हज़ारों पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी। साथ ही, बाल मंडप और साहित्यिक मंच पर नामचीन लेखकों-वक्ताओं के साथ संवाद, कार्यशालाएं और चर्चाएं भी आयोजित की जा रही हैं।

बाल मंडप में बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसमें कहानी सत्र, कठपुतली शो, आर्ट एंड क्राफ्ट वर्कशॉप, चित्रांकन और डूडलिंग प्रतियोगिताएं, ओरिगेमी और क्ले आर्ट, सुलेख और रंगमंच कार्यशालाएं तथा म्यूज़िकल स्टोरीज़ सेशन शामिल होंगे, ताकि बच्चे पुस्तकों की दुनिया से आनंदपूर्वक तरीक़े से जुड़ सकें।