लखनऊ: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती और 'सुशासन दिवस' के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवनिर्मित 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का उद्घाटन किया। 65 एकड़ में फैले इस भव्य स्मारक को राष्ट्र को समर्पित करते हुए पीएम मोदी ने भारतीय राजनीति के तीन स्तंभों—डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत को नमन किया।
सीएम योगी का संबोधन: "विरासत और विकास का संगम"
प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल को 'न्यू इंडिया' की वैचारिक चेतना का केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा:
"राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से होने जा रहा है। इस अवसर पर मैं उनका उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्वागत करता हूं। पीएम मोदी की प्रेरणा से जब हम आत्मनिर्भर और विकसित भारत का वर्तमान स्वरूप देख रहे हैं, तो कहीं ना कहीं हमारे प्रेरणा के रूप में श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जी का मार्गदर्शन एक नई प्रेरणा के रूप में हमारे साथ रहता है।"
उन्होंने आगे कहा कि यह स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रवाद और सुशासन की पाठशाला बनेगा।
पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती के अवसर पर आज लखनऊ स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।श्रद्धेय अटल जी का विराट व्यक्तित्व और कृतित्व देश वासियों को सदैव एक नई प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।उनकी पावन स्मृतियों… pic.twitter.com/KYJpSJHzAE
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 25, 2025
राष्ट्र प्रेरणा स्थल की 5 बड़ी विशेषताएं
यह स्मारक लखनऊ के बसंत कुंज (दुबग्गा) क्षेत्र में गोमती नदी के किनारे लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
65 फीट ऊंची विशाल प्रतिमाएं: परिसर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65-65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। प्रत्येक प्रतिमा का वजन लगभग 42 टन है।
कमल के आकार का अत्याधुनिक संग्रहालय: 98,000 वर्ग फुट में फैला एक डिजिटल म्यूजियम बनाया गया है, जिसमें 5 गैलरियां और 12 इंटरप्रिटेशन वॉल हैं। यहां इन महापुरुषों के जीवन संघर्ष को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दिखाया गया है।
विशाल क्षमता: यहां एक विशाल रैली स्थल बनाया गया है, जहां 2 लाख से अधिक लोग एक साथ जुट सकते हैं। साथ ही 3,000 की क्षमता वाला एक एम्फीथिएटर भी तैयार किया गया है।
सांस्कृतिक प्रतीक: म्यूजियम के भीतर सुदर्शन चक्र, भारत माता की आकृति और जनसंघ के प्रतीक 'दीपक' की विशेष कलाकृतियां उकेरी गई हैं।
सुविधाएं: परिसर में ध्यान केंद्र, योग केंद्र, कैफेटेरिया और भव्य लैंडस्केपिंग की गई है, जो इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी स्थापित करेगी।
वाजपेयी की अटल विरासत को नमन
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी देखी, जो इन तीनों नेताओं के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर आधारित थी। उद्घाटन के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि लखनऊ अटल जी की कर्मभूमि रही है और यहां 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का होना सुशासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराता है।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का उद्घाटन करना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। https://t.co/P48AtZ8RWB
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2025
इस ऐतिहासिक समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी उपस्थित रहे। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को एसपीजी और एटीएस के कड़े घेरे में रखा गया था।
#WATCH लखनऊ, उत्तर प्रदेश: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "आपको यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता होगी कि पीएम मोदी एक ऐसे राजनेता हैं जिन्हें दुनिया के 29 देशों का जो सर्वोच्च सम्मान होता है वो सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है..आज पावन अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल… https://t.co/CYsa8Z0Od5 pic.twitter.com/3aV2MXA2DY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 25, 2025