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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की 25 करोड़ जनता को हार्दिक बधाई देते हुए राज्य की बदलती तस्वीर का खाका पेश किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) और आधिकारिक संबोधन के माध्यम से प्रदेश की विकास यात्रा को 'संघर्ष से सिद्धि' की कहानी बताया।
"बीमारू की बेड़ियां टूटीं, बना विकास का ग्रोथ इंजन"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश, जो कभी नीतिगत उदासीनता और अराजकता के लिए जाना जाता था, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण 'ग्रोथ इंजन' बनकर उभरा है।
"उत्तर प्रदेश के मेरे बहनों और भाइयों, आप सभी को उत्तर प्रदेश दिवस की हार्दिक बधाई। असीम संभावनाओं का हमारा प्रदेश आज संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़ते हुए बीमारू से भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बना है। सुरक्षा, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ हम 'विकसित उत्तर प्रदेश' की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं।" — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मेरे प्रिय प्रवासी बहनों और भाइयों, विदेश में रहकर अपने परिश्रम, प्रतिभा और मूल्यों के माध्यम से आपने उत्तर प्रदेश और भारत का मान वैश्विक मंच पर बढ़ाया है। हमारी सरकार आपके अनुभव और ज्ञान को प्रदेश की विकास यात्रा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है...आप… pic.twitter.com/eFMGKD0FlE
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 24, 2026
विकास के नए आयाम: 'ब्रेकथ्रू' से 'ब्रेकिंग' तक
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने कई बड़े बदलाव देखे हैं:
सुरक्षा और क़ानून व्यवस्था: माफ़िया राज के अंत के बाद अब उत्तर प्रदेश में 'क़ानून का राज' स्थापित है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति: जल, थल और नभ की कनेक्टिविटी (एक्सप्रेसवे, मेट्रो और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स) ने यूपी को 'लॉजिस्टिक हब' बना दिया है।
ग़रीबी उन्मूलन: 'डबल इंजन' सरकार के प्रयासों से प्रदेश के लगभग 6 करोड़ लोग ग़रीबी रेखा से बाहर आए हैं।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण: अयोध्या में भव्य राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन के विकास के साथ राज्य पर्यटन और संस्कृति का वैश्विक केंद्र बन गया है।
'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की थीम
इस वर्ष का यूपी दिवस विशेष रूप से 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की थीम पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री के विज़न के मुताबिक़, इस उत्सव को अब विदेशों में भी मनाया जा रहा है।
वैश्विक उपस्थिति: फिजी, मॉरीशस, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देशों में भारतीय दूतावासों के सहयोग से उत्तर प्रदेश की संस्कृति और सामर्थ्य का प्रदर्शन किया जा रहा है।
ODOC का आगाज: 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ODOP) की सफ़लता के बाद अब 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ODOC) योजना के ज़रिए प्रदेश की पाक-कला (Culinary skills) को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जनोत्सव के रूप में उत्सव
लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित मुख्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी गरिमापूर्ण बना दिया। मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि यह केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि एक 'जनोत्सव' है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
कुल-मिलाकर, 24 जनवरी 1950 को 'यूनाइटेड प्रोविंस' से 'उत्तर प्रदेश' बनने तक का सफर आज एक ऐसे मोड़ पर है, जहां यह राज्य न केवल अपनी पहचान पर गर्व कर रहा है, बल्कि 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर मज़बूती से क़दम बढ़ा रहा है।