GTC Health: भले ही अभी सर्दी कुछ हद तक गर्मी की गिरफ़्त में हो, लेकिन फ़िर भी ठंड ने अपनी मौजूदगी तो दर्ज करा ही दी है। सर्दियों की दस्तक के साथ ही एक बार फ़िर ये बात चल निकली है कि ठंड में पानी की कौन तासीर शरीर के लिए मुफ़ीद मानी जाती है, ताकि हमारी सेहत भी ना बिगड़े और शरीर भी तंदुरुस्त रहे। तो चलिए आज हम ठंडे और गर्म पानी से जुड़े कई राज़ आपके साथ सिलसिलेवार तौर पर साझा करते हैं।
लोगों की ज़ुबान से ये बात आपने भी ज़रूर सुनी होगी कि ठंड में गर्म पानी से नहाना बेहतर है, उन लोगों का मानना है कि इससे शरीर को राहत मिलती है, थकान उतर जाती है और ठंड से भी बचाव होता है। वहीं दूसरी तरफ़ कुछ लोग ये भी मानते हैं कि गर्म पानी से नहाना स्किन को ड्राइ कर देता है, बालों को नुकसान पहुंचाता है और शरीर की नेचुरल ऑयल लेयर को भी ख़त्म कर देता है।
क्या कहती है इंटरनेशनल जर्नल ऑफ साइंटिफिक रिसर्च एंड इंजीनियरिंग डेवलपमेंट रिपोर्ट?
सवाल ये है कि आख़िर इन दावा में सच्चाई कितनी है? इंटरनेशनल जर्नल ऑफ साइंटिफिक रिसर्च एंड इंजीनियरिंग डेवलपमेंट में 2022 में छपी एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक़, शरीर की बाहरी सतह पर केरेटिन सेल्स होती हैं, गर्म पानी से नहाने पर इन सेल्स को नुक़सान पहुंचता है, इससे एग्ज़िमा जैसी स्किन बीमारियों के ख़तरे भी बढ़ सकते हैं।
स्किन स्पेशियलिस्ट्स का क्या मानना है?
ये बात किसी से छिपी नहीं है कि सर्दी के मौसम में अक़्सर लोग गर्म पानी से नहाने को ज़्यादा तवज्जो देते हैं, लेकिन स्किन स्पेशियलिस्ट्स इसे एक बड़ा ख़तरा मानते हैं, उनका कहना है कि बहुत ज़्यादा गर्म पानी हमारी त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को नुक़सान पहुंचाता है, हालांकि ठंड में आप गर्म पानी से नहा सकते हैं लेकिन पानी गुनगुना होना चाहिए, एक हद से ज़्यादा पानी गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि ज़्यादा गर्म पानी से नहाने के बाद स्किन पर ड्राइनेस आ सकती है, जिसे हम 'जे़रोसिस' कहते हैं। मेडिकल दुनिया के माहिर मानते हैं कि ठंड में जब हम नहाते हैं तो यह ज़रूरी है कि पानी गर्म हो, लेकिन बस इतना गर्म हो कि आपको ठंड ना लगे।
असल में हमारे स्किन की सबसे ऊपरी लेयर पर सेबम और लिपिड्स की एक पतली तैलीय परत होती है, जो शरीर को बैक्टीरिया, धूल और बाहरी संक्रमणों से बचाती है। यही परत त्वचा की नमी बनाए रखने में भी मदद करती है, ऐसे में अगर शरीर पर ज़्यादा गर्म पानी डालेंगे तो इस पर पहले से मौजूद ज़रूरी तेल धुल जाएगा, यानी जब कोई बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल करता है, तो ये लेयर तेज़ी से टूटने लगती है, उनके मुताबिक़, तेल की लेयर हटने से थोड़ी दिक्कत महसूस हो सकती है, गर्म पानी से त्वचा रूखी हो जाती है और शरीर में खुजली होने लगती है।
त्वचा विशेषज्ञों की रिपोर्ट्स के बक़ौल, "अगर पानी बहुत ज़्यादा ही गर्म है तो ऐसे मामले में किसी भी आम इंसान को इससे नुक़सान पहुंच सकता है. लेकिन कुछ मामलों में अगर पानी सामान्य से ज़्यादा गर्म है तो इससे कुछ लोगों को ज्यादा दिक्कतें हो सकती हैं, अगर स्किन पर पहले से ड्राइनेस है और आप ज़्यादा गर्म पानी से नहा लेते हैं तो फिर डर्मेटाइटिस और एक्ज़िमा होने की संभावना बढ़ जाती है, डर्मेटाइटिस त्वचा में सूजन और खुजली पैदा करने वाली एक आम समस्या है, जिससे त्वचा लाल भी हो जाती है, अगर आप पॉलिसाइथीमिया वेरा (ये वो बीमारी है जिसमें शरीर ज़रूरत से ज़्यादा लाल रक्त कोशिकाएं यानी रेड ब्लड सेल्स बनाता है) के मरीज़ हैं तो आपको गर्म पानी से नहाने के मामले में और ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है।"
तो क्या ठंड में ठंडे पानी से नहाना सही माना जाए?
दरअसल कई मेडिकल रिपोर्ट्स का दावा है कि यक़ीनन ठंडे पानी से नहाने पर आपको कई तरह के फ़ायद हो सकते हैं, जैसे शरीर में ब्लड सर्कुलेश अच्छा हो जाता है, ये स्ट्रेस कम करता है,, साथ ही, इससे सजगता भी बढ़ती है। एक्सरसाइज़़ के बाद मांसपेशियों की मरम्मत का मामला हो या वसा को कम करने की बात हो या फिर इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाना, इन सबमें ठंडे पाने से आपकी सेहत को फ़ायदा पहुंचता है। लेकिन सावधान, अगर बेतहाशा ठंड हो और आप उस तरह की ठंड में ठंडा पानी अपने शरीर पर डालें तो यह शायद जानलेवा भी हो सकता है।
दिल्ली के जाने-मानें न्यूरोलॉजिस्ट प्रतीक किशोर के मुताबिक़, "जब हमारा शरीर अचानक बहुत ठंडे या बहुत गर्म पानी के संपर्क में आता है, तो ब्लड वेसल्स तुरंत रिएक्ट करती हैं, बहुत ठंडा पानी पड़ते ही वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हार्ट रेट अचानक तेज़ हो सकती है, बहुत गर्म पानी मिलने पर वेसल्स फैल जाती हैं, इससे ब्लड प्रेशर कम हो सकता है और चक्कर या बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है, इसलिए बहुत ज़्यादा गर्म पानी से भी बचना ज़रूरी है, जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी, ब्लॉक वेसल्स, हाई बीपी या दिल से जुड़ी कोई दूसरी बीमारी है तो उनके लिए अचानक तापमान में बदलाब और भी ख़तरनाक हो सकता है, लिहाज़ा बहुत ठंडे पानी से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है, जो हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकता है।"
बहरहाल, कड़ाके की ठंड के मौसम में बहुत ज़्यादा ठंडे पानी से नहाना और बहुत ज़्यादा गर्म पानी से भी शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। ऐसे में सर्दियों में बहुत ज़्यादा ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए और शरीर का तापमान संतुलित रखना ज़रूरी है। ख़ासतौर पर छोटे बच्चों की और बुज़ुर्गों की त्वचा पहले ही संवेदनशील होती है, लिहाज़ा ज़्यादा गर्म पानी से नहाने पर उनमें त्वचा के ज़्यादा रूख़ापन, जलन और फटने की दिक्क़त पैदा सकती है, तो सर्दियों में हल्के गुनगुने पानी से नहाना सबसे बेहतर है, इसके अलावा नहाने के बाद त्वचा पर मॉइस्चराइज़र का भी आप इस्तेमाल कर सकते हैं।
गर्म पानी बालों के लिए भी है नुकसानदायक!
विशेषज्ञ मानते हैं कि ज़्यादा गर्म पानी से नहाने पर बालों में प्राकृतिक नमी कम होने लगती है, जिससे बाल रूख़े हो सकते हैं और ये उलझकर टूट सकते हैं, असल में, स्किन की तरह हमारे बालों में नेचुरल तेल होता है और जब हम ज़्यादा गर्म पानी अपने बालों पर डालते हैं तो वह निकल जाता है, जिससे हमारे बाल रूखे पड़ जाते हैं, ऐसे में डॉक्टर यही सलाह देते हैं कि सर्दी हो या गर्मी नहाने के लिए हमेशा हल्का गुनगुना पानी इस्तेमाल करना चाहिए।