Tuesday, 27th of January 2026

77वां गणतंत्र दिवस: सीएम योगी ने लिया "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" का संकल्प, कहा - 'संविधान एकता का आधार'

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 26th 2026 01:06 PM  |  Updated: January 26th 2026 01:06 PM
77वां गणतंत्र दिवस: सीएम योगी ने लिया "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" का संकल्प, कहा - 'संविधान एकता का आधार'

77वां गणतंत्र दिवस: सीएम योगी ने लिया "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" का संकल्प, कहा - 'संविधान एकता का आधार'

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 77वें गणतंत्र दिवस का पर्व हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन के सामने तिरंगा फ़हराया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारत की 76 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा, संविधान की महत्ता और "नए उत्तर प्रदेश" के निर्माण के संकल्प को रेखांकित किया।

संविधान और लोकतंत्र की गौरवशाली यात्रा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के 77वें गणतंत्र दिवस पर बधाई देते हुए कहा, "आज के दिन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था। 76 वर्ष की इस यात्रा में हमने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन इन सबके बावजूद हमारा लोकतंत्र और अधिक सशक्त होकर उभरा है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

"एक भारत-श्रेष्ठ भारत" का दर्शन

मुख्यमंत्री ने एकता और अखंडता को राष्ट्र का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि आज पूरा देश उत्तर से दक्षिण तक और पूर्व से पश्चिम तक एकजुट है। उन्होंने कहा:

"अपने संकल्पों के अनुरूप आज हम प्रत्येक भारतवासी के गौरव, भारत की एकात्मकता और अखंडता के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए एक भारत-श्रेष्ठ भारत का दर्शन कर रहे हैं। इसमें हमारे संविधान की एक महत्वपूर्ण भूमिका है, जो हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है।"

राष्ट्रपिता और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन

संबोधन के दौरान सीएम योगी भावुक नज़र आए और उन्होंने आजादी की लड़ाई में सर्वस्व न्योछावर करने वाले महापुरुषों को याद किया। उन्होंने कहा, "मैं इस अवसर पर महात्मा गांधी की स्मृतियों को नमन करता हूं और उन सभी ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं, जिनकी बदौलत आज हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में खड़े हैं।"

लखनऊ में भव्य परेड और सांस्कृतिक झलक

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान लखनऊ की सड़कों पर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और बढ़ती सैन्य ताकत का अनूठा संगम देखने को मिला।

झांकियां: परेड में "विरासत से विकास" की थीम पर आधारित विभिन्न विभागों की झांकियां निकाली गईं। इनमें अयोध्या के भव्य मंदिर, काशी के कायाकल्प और प्रदेश में बढ़ते एक्सप्रेसवे व औद्योगिक गलियारों की झलक दिखाई गई।

सुरक्षा बल: यूपी पुलिस, पीएसी और एनसीसी कैडेट्स के जवानों ने शानदार मार्च पास्ट किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम: स्कूली बच्चों ने "वंदे मातरम" की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे विकसित भारत @2047 के सपने को साकार करने के लिए संविधान द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने परेड की सलामी ली। इस अवसर पर राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

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