Sunday, 11th of January 2026

'वंदे मातरम्' केवल गीत नहीं, क्रांतिकारियों का 'महामंत्र' था: सीएम योगी

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 22nd 2025 04:51 PM  |  Updated: December 22nd 2025 04:51 PM
'वंदे मातरम्' केवल गीत नहीं, क्रांतिकारियों का 'महामंत्र' था: सीएम योगी

'वंदे मातरम्' केवल गीत नहीं, क्रांतिकारियों का 'महामंत्र' था: सीएम योगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार (22 दिसंबर, 2025) को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब सदन में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'वंदे मातरम्' को भारत की स्वतंत्रता संग्राम की 'आत्मा' और राष्ट्रभक्ति का सबसे बड़ा 'हथियार' बताया।

क्रांतिकारियों का उद्घोष और 1905 का आंदोलन

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 1905 के बंगाल विभाजन का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा:

"जब 1905 में ब्रिटिश हुकूमत ने बंगाल के बंटवारे के जरिए भारत की एकता को खंडित करने की साज़िश रची, तब जनता ने 'वंदे मातरम्' को एक शक्तिशाली हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। यह गीत सत्याग्रहियों के लिए एक मंत्र बन गया था, जिसने पूरे देश को एक सूत्र में पिरो दिया।"

योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि यह गीत महज़ शब्दों का समूह नहीं था, बल्कि उन क्रांतिकारियों की ताकत था जो फ़ांसी के फंदे को चूमते समय भी इसका जयघोष करते थे।

कांग्रेस और तुष्टिकरण पर प्रहार

चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर तीख़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपनी 'तुष्टिकरण की राजनीति' के कारण इस राष्ट्रगीत के साथ न्याय नहीं किया।

साज़िश का आरोप: सीएम ने कहा कि 'वंदे मातरम्' को रोकने की कोशिशें की गईं और इसके कई छंदों को हटाकर इसे सीमित करने का प्रयास हुआ।

राष्ट्र बनाम सत्ता: उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्र की चेतना से ऊपर सत्ता को रखा, जबकि 'वंदे मातरम्' जाति, पंथ और संप्रदाय से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम का भाव जगाता है।

यूपी विधानसभा में विशेष आयोजन

उत्तर प्रदेश विधानसभा संभवतः देश की पहली ऐसी विधानसभा बनी जहाँ इस गीत पर पांच घंटे की मैराथन चर्चा आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने इसके पीछे एक विशेष संयोग का भी ज़िक्र किया:

उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस और राष्ट्रगीत: सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस और संविधान द्वारा 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता देने की तिथि एक ही है, जो इस चर्चा को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।

भविष्य का संकल्प

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों में 'वंदे मातरम्' का गायन अनिवार्य किया गया है ताकि भावी पीढ़ी में सांस्कृतिक गौरव और देशभक्ति का संचार हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि आज 'वंदे मातरम्' का भाव हर भारतीय की साधना बन चुका है।

चर्चा का निष्कर्ष: जहाँ सत्ता पक्ष ने इसे राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान बताया, वहीं विपक्षी दलों (सपा और कांग्रेस) ने सरकार पर वास्तविक मुद्दों (जैसे किसान और बेरोजगारी) से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रभक्ति को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया। सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि "देशभक्ति दबाव से नहीं, बल्कि दिल से निकलती है।"