मुख्यमंत्री योगी की उद्योगपतियों के साथ बैठक, ₹6,500 करोड़ के निवेश प्रस्तावों से चमकेगी अर्थव्यवस्था
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'प्रो-एक्टिव' कार्यशैली और प्रदेश की सुधरी क़ानून व्यवस्था ने वैश्विक और राष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा जीत लिया है। शुक्रवार (19 दिसंबर 2025) को लखनऊ में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में 25 बड़ी कंपनियों के 45 शीर्ष प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की। इस दौरान प्रदेश में करीब ₹6,500 करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, जो डिस्टिलरी, डिजिटल हेल्थ और स्टार्टअप जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सुरक्षित एवं उद्योग-अनुकूल निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है।गत दिवस 25 प्रतिष्ठित कंपनियों के 45 शीर्ष अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जी से भेंट कर मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग एवं सर्विस… pic.twitter.com/3f9LyIe0dv
— Government of UP (@UPGovt) December 19, 2025
इन क्षेत्रों में खुलेगा विकास का रास्ता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब 'चाइना प्लस वन' रणनीति के तहत वैश्विक कंपनियों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन क्षेत्रों में बड़ी निवेश संभावनाएं जताई गई हैं:
डिस्टिलरी और एथेनॉल सेक्टर: गन्ना उत्पादन में अग्रणी होने के कारण यूपी अब डिस्टिलरी और एथेनॉल उत्पादन का केंद्र बन रहा है। फर्रुखाबाद और पीलीभीत जैसे जिलों में नई परियोजनाओं से हजारों रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
डिजिटल हेल्थ और फार्मा: सरकार ललितपुर में फार्मा पार्क विकसित कर रही है। डिजिटल हेल्थ सेक्टर में निवेश के माध्यम से राज्य के दूरदराज के इलाकों में बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टार्टअप और आईटी: उत्तर प्रदेश अब 'स्टार्टअप इंडिया' का पावरहाउस बन चुका है। वर्तमान में राज्य में 18,500 से ज़्यादा सक्रिय स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न मौजूद हैं।
निवेशकों के भरोसे के तीन मुख्य स्तंभ
बैठक में शामिल सीईओ और सीएफओ ने यूपी में निवेश के लिए तीन मुख्य कारकों को ज़िम्मेदार ठहराया:
मज़बूत क़ानून व्यवस्था: माफिया राज के ख़ात्मे और सुरक्षित माहौल ने निवेशकों की पूंजी को सुरक्षा का अहसास कराया है।
विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55% हिस्सा अब यूपी में है। 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बेहतर रेल कनेक्टिविटी ने लॉजिस्टिक्स को आसान बनाया है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: 'इन्वेस्ट यूपी' (Invest UP) संस्था को अब एक 'वन स्टॉप एजेंसी' के रूप में पुनर्गठित किया गया है, जिससे निवेशकों को फाइलों के लिए भटकना नहीं पड़ता।
"2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अराजकता से थी, लेकिन आज यह 'फियरलेस बिजनेस' का हब है। हमारा लक्ष्य यूपी को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है और उद्योग जगत इसमें हमारा सबसे बड़ा भागीदार है।"
— मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
रोज़गार और भविष्य की राह
इन निवेशों से न केवल प्रदेश की जीडीपी (GSDP) बढ़ेगी, बल्कि लाखों युवाओं को अपने ही राज्य में रोज़गार के अवसर मिलेंगे। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में निवेश के इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए 'ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी' का आयोजन किया जा सकता है।
क्या आप विशिष्ट ज़िलों (जैसे नोएडा, गोरखपुर या वाराणसी) में आने वाले प्रमुख निवेश प्रोजेक्ट्स की सूची देखना चाहेंगे?
उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचारों के बारे में अधिक जानने के लिए आप यह वीडियो देख सकते हैं: उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स का उदय। इस वीडियो में बताया गया है कि कैसे राज्य 17,000 से अधिक उपक्रमों और 8 यूनिकॉर्न के साथ एक प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में उभरा है।