अखिलेश यादव ने दिए संकेत: 'केदारेश्वर मंदिर' के पूर्ण होने पर करेंगे अयोध्या में श्रीराम लला के दर्शन
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के दर्शन कब करेंगे। अखिलेश यादव, जो श्रीराम प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित नहीं हुए थे, लगातार इस प्रश्न का सामना कर रहे हैं कि वह अयोध्या कब जाएंगे। अब उन्होंने अपनी धार्मिक यात्रा को इटावा में निर्माणाधीन एक मंदिर परियोजना से जोड़ते हुए इसका जवाब दिया है।
'केदारेश्वर महादेव मंदिर' से जुड़ा संकल्प
अखिलेश यादव ने बुधवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' (पहले ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपनी आस्था और आगामी यात्रा को लेकर स्थिति साफ की।
अखिलेश यादव ने अपनी 'एक्स' पोस्ट में लिखा:
"ईश्वरीय प्रेरणा से इटावा में निर्माणाधीन ‘श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर’ के पूर्ण होने पर अन्य मंदिरों के दर्शन का संकल्प भी पूर्ण करेंगे, आस्था जीवन को सकारात्मकता और सद्भाव से भरनेवाली ऊर्जा का ही नाम है। दर्शन के लिए ईश्वरीय इच्छा ही मार्ग बनाती है, वही बुलाती है। सच तो ये है कि हम सब तो ईश्वर के बनाएं मार्ग पर बस चलकर जाते हैं। पूर्णता ही पूर्णता की ओर ले जाती है।"
पूर्णता ही पूर्णता की ओर ले जाती है। ईश्वरीय प्रेरणा से इटावा में निर्माणाधीन ‘श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर’ के पूर्ण होने पर अन्य मंदिरों के दर्शन का संकल्प भी पूर्ण करेंगे।आस्था जीवन को सकारात्मकता और सद्भाव से भरनेवाली ऊर्जा का ही नाम है। दर्शन के लिए ईश्वरीय इच्छा ही…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 25, 2025
अयोध्या यात्रा का समय
इस पोस्ट से यह स्पष्ट होता है कि अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा की समयरेखा सीधे तौर पर इटावा में निर्माणाधीन 'श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर' के पूरा होने पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा है कि इस मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होते ही, वह "अन्य मंदिरों के दर्शन का संकल्प भी पूर्ण करेंगे", जिससे साफ संकेत मिलता है कि अयोध्या में श्रीराम लला के दर्शन उनकी इस संकल्प पूर्ति का हिस्सा होंगे।
संक्षेप में, संकेतित समयरेखा यह है:
इटावा में 'श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर' का निर्माण पूरा होना।
संकल्प पूर्ति के तहत अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन करना।
आस्था और सद्भाव पर जोर
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में दर्शन और आस्था को लेकर एक दार्शनिक और सकारात्मक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आस्था जीवन में सकारात्मकता और सद्भाव भरने वाली ऊर्जा का नाम है। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दर्शन के लिए ईश्वरीय इच्छा ही मार्ग बनाती है और बुलाती है।
पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह लगातार विभिन्न धार्मिक समागमों में भाग ले रहे हैं और राजनीतिक गलियारों में उनकी अयोध्या यात्रा को लेकर चर्चा जोरों पर है।