Friday, 9th of October 2026

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

Edited By: Preeti Kamal | Updated at:
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने रविवार को ‘साइ-हॉक’ ऑपरेशन के तहत एक हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों वाले एक संगठित साइबर-वित्तीय रैकेट में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता श्री रंजन, जो उत्तम नगर के निवासी हैं, ने बताया कि उन्हें शेयर बाजार से जुड़ी एक साइबर ठगी में लगभग ₹42.5 लाख का नुकसान हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 308/318(4)/319/340 के तहत FIR दर्ज की।

जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि ₹42.5 लाख की राशि 36 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। इनमें से ₹3,74,065 की राशि 3 सितंबर 2025 को शिकायतकर्ता के कोटक महिंद्रा बैंक खाते से आर.के. पुरम शाखा स्थित यूको बैंक खाते में ट्रांसफर की गई और उसी दिन चेक के माध्यम से निकाली गई। क्राइम ब्रांच के अनुसार, उक्त बैंक खाता मुनिरका गांव निवासी सब्बीर अहमद के नाम पर पाया गया। इसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया और आरोपी सब्बीर अहमद को 21 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया।

चीनी नागरिकों को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) बेचना शामिल  था

लगातार पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने विभिन्न बैंकों में 9-10 खाते खोले थे और उनके पूरे बैंक किट मोहम्मद सरफराज और मोहम्मद दिलशाद को सौंप दिए थे। उसने यह भी बताया कि इन खातों में जमा होने वाली राशि पर उसे पहले 2 प्रतिशत कमीशन मिलता था। उसके खुलासे के आधार पर अन्य आरोपी सरफराज और दिलशाद को 5 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान सरफराज और दिलशाद ने कथित तौर पर चीनी हैंडलरों और उनके एजेंटों से अपने संबंधों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे चीनी नागरिकों को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) बेचने में शामिल थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय साइबर-वित्तीय कनेक्शन स्थापित होते हैं।

उनकी भूमिका में डमी उम्मीदवारों की व्यवस्था करना और बैंक अधिकारियों से संपर्क कर उनके नाम पर कई बैंक खाते खुलवाना शामिल था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि सब्बीर अहमद की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सबूत नष्ट करने के लिए चेक बुक नष्ट कर दीं और पंजीकृत सिम कार्ड तोड़ दिया। हालांकि, उस सिम कार्ड के साथ इस्तेमाल किया गया मोबाइल हैंडसेट बरामद कर लिया गया है।