Friday, 9th of October 2026

घूसखोर पंडत विवाद: FWICE अध्यक्ष का बयान, कहा- OTT प्लेटफॉर्म ने जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई

Edited By: Preeti Kamal | Updated at:
घूसखोर पंडत विवाद: FWICE अध्यक्ष का बयान, कहा- OTT प्लेटफॉर्म ने जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई

घूसखोर पंडत विवाद: FWICE अध्यक्ष का बयान, कहा- OTT प्लेटफॉर्म ने जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई

मुंबई, महाराष्ट्र: फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के शीर्षक में ‘पंडत’ शब्द के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती हैं, न कि किसी समुदाय या धर्म का मज़ाक उड़ाने के लिए। FWICE अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्माता, निर्देशक और ओटीटी प्लेटफॉर्म जनता की भावनाओं को ठेस पहुँचा रहे हैं और उन्होंने सख्त कार्रवाई, यहाँ तक कि प्रतिबंध लगाने की भी माँग की।

फिल्में मनोरंजन के लिए होती हैं मज़ाक उड़ाने के लिए नहीं 

बीएन तिवारी का कहना है कि इस शीर्षक में ‘पंडत’ शब्द के इस्तेमाल पर मुझे गंभीर आपत्ति है। यह चाहे किसी का उपनाम ही क्यों न हो, हम फिल्में लोगों के मनोरंजन के लिए बनाते हैं। मैं किसी भी समुदाय का अपमान करने वाले निर्माताओं और निर्देशकों का कड़ा विरोध करता हूँ। ऐसे लोगों को फिल्म बनाने का कोई अधिकार नहीं है। जो लोग जनता की भावनाओं से खेलते हैं, चाहे वे निर्माता हों, नेटफ्लिक्स हो या कोई अन्य प्लेटफॉर्म जो ऐसी फिल्में स्ट्रीम करता है उन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

घूसखोर पंडत के ख़िलाफ़ देश भर में हुए विरोध-प्रदर्शन

इस बीच, शुक्रवार को नेटफ्लिक्स फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के ख़िलाफ़ देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रयागराज के सुभाष चौक पर प्रदर्शनकारियों ने निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के पुतले फूँके। प्रदर्शनकारियों ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी प्रतिबंध लगाने की माँग की। उनका आरोप था कि यह फिल्म हिंदुओं और ब्राह्मणों को निशाना बनाने की नीयत से बनाई गई है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर फिल्म का नाम और सामग्री नहीं बदली गई, तो प्रयागराज सहित पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। 

FWICE अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में जनता की भावनाओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी निर्माता या निर्देशक उनकी नजर में किसी जाति या समुदाय का मज़ाक उड़ाते हैं, उनके साथ FWICE पूरी तरह असहयोग करेगा। इसके आगे अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने कहा, “समय बदल गया है। पहले जब ऐसी फिल्में रिलीज़ होती थीं, तब सोशल मीडिया नहीं था और अगर दर्शकों को ठेस पहुँचती भी थी, तो उनकी आवाज़ ज़्यादा दूर तक नहीं पहुँच पाती थी। अब ऐसा नहीं चलेगा। हम इसे अब बर्दाश्त नहीं करेंगे। चाहे कोई भी निर्माता या निर्देशक हो, हम उनके साथ पूरी तरह से सहयोग करने से इनकार करेंगे।”

इससे पहले शुक्रवार को लखनऊ के हजरतगंज थाने में नीरज पांडे और उनकी प्रोडक्शन टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई जिनमें आरोप लगाया गया था कि ‘घूसखोर पंडत’ का शीर्षक और उसकी सामग्री धार्मिक और जातिगत भावनाओं को आहत करती है और सार्वजनिक सौहार्द को बिगाड़ सकती है। ‘घूसखोर पंडत’ का निर्देशन नीरज पांडे ने किया है और इसमें मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं।