Friday, 9th of October 2026

UAE में हिरासत में लिए गए सेलिना जेटली के भाई रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली

Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at:
UAE में हिरासत में लिए गए सेलिना जेटली के भाई रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली

UAE में हिरासत में लिए गए सेलिना जेटली के भाई रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई और भारतीय सेना के रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हिरासत का मामला अब क़ानूनी और कूटनीतिक रूप से और अधिक गंभीर हो गया है। दरअसल दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही इस सुनवाई में गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को नए घटनाक्रम सामने आए हैं। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 फरवरी 2026 की तारीख़ तय की है।

सेलिना जेटली के भाई की UAE में हिरासत: हाई कोर्ट का बड़ा अपडेट

सेलिना जेटली द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट का संज्ञान लिया।

1. कोर्ट का आदेश: अतिरिक्त हलफ़नामा दाखिल करने का समय

सुनवाई के दौरान कोर्ट को सूचित किया गया कि प्रतिवादियों (केंद्र सरकार) ने मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इसके बाद:

नया हलफनामा: कोर्ट ने सेलिना जेटली के वकीलों को स्टेटस रिपोर्ट में आए नए तथ्यों के मद्देनज़र एक अतिरिक्त हलफनामा (Additional Affidavit) रिकॉर्ड पर रखने के लिए समय दिया है।

उद्देश्य: याचिकाकर्ता यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि उनके भाई को मिल रही क़ानूनी सहायता और बातचीत की सुविधा की वर्तमान स्थिति साफ़ हो सके।

2. क्या है पूरा मामला?

रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली, जो 3 पैरा स्पेशल फोर्सेस के एक सम्मानित पूर्व सैन्य अधिकारी हैं, सितंबर 2024 से UAE में हिरासत में हैं।

हिरासत का कारण: रिपोर्ट्स के मुताबिक़, उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) से जुड़े किसी मामले में हिरासत में लिया गया है, हालांकि आरोपों की पूरी जानकारी अभी भी स्पष्ट नहीं है।

अकेलापन और संपर्क का अभाव: सेलिना जेटली ने अपनी याचिका में कहा है कि पिछले 16 महीनों से उनका अपने भाई से कोई सीधा संवाद नहीं हो पाया है। उन्होंने इसे एक 'दुःस्वप्न' (Nightmare) बताया है।

3. याचिका में मुख्य मांगें

सेलिना जेटली ने अपनी रिट याचिका के माध्यम से भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है:

क़ानूनी सहायता: UAE में मेजर विक्रांत को प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व (Legal Representation) प्रदान करना।

राजनयिक बातचीत: भारत सरकार द्वारा UAE प्रशासन के साथ उच्चतम स्तर पर बातचीत कर मामले का समाधान निकालना।

संपर्क की सुविधा: परिवार को नियमित रूप से मेजर विक्रांत से बात करने और उनके स्वास्थ्य की जानकारी पाने की अनुमति दिलवाना।

4. सरकार का अब तक का रुख़

अदालत के पिछले निर्देशों के बाद, विदेश मंत्रालय ने एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। सरकार का कहना है कि:

मेजर विक्रांत को काउंसलर एक्सेस (Consular Access) प्रदान किया गया है।

भारतीय दूतावास के अधिकारी समय-समय पर उनसे मुलाक़ात कर रहे हैं और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।

अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें

3 फरवरी 2026 को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी क्योंकि सेलिना जेटली द्वारा दाखिल किया जाने वाला नया हलफ़नामा यह बताएगा कि क्या सरकार की स्टेटस रिपोर्ट से परिवार संतुष्ट है या उन्हें अभी भी अपने भाई की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएं हैं।