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मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय संगीत जगत के दिग्गज और दो बार के ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान के एक हालिया इंटरव्यू ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री (बॉलीवुड) में एक नई बहस छेड़ दी है। रहमान ने संकेत दिया कि पिछले कुछ वर्षों में फिल्म इंडस्ट्री के भीतर आए 'शक्ति परिवर्तन' (Power Shift) और 'सांप्रदायिक दृष्टिकोण' के कारण उन्हें काम मिलने में मुश्किल हो रही है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और फिल्म जगत में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
एक हालिया अंतरराष्ट्रीय इंटरव्यू (BBC Asian Network) के दौरान, जब रहमान से पूछा गया कि क्या उन्हें कभी बॉलीवुड में तमिल होने के नाते भेदभाव का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने एक चौंकाने वाला ख़ुलासा किया।
पावर शिफ्ट और काम की कमी: रहमान ने कहा, "पिछले आठ वर्षों में इंडस्ट्री में एक शक्ति परिवर्तन हुआ है। अब वे लोग फैसले ले रहे हैं जो रचनात्मक (Creative) नहीं हैं।"
सांप्रदायिक एंगल का संकेत: उन्होंने आगे कहा, "यह एक सांप्रदायिक बात (Communal thing) भी हो सकती है, लेकिन यह मेरे सामने नहीं होता। मुझे कानाफूसी के ज़रिए पता चलता है कि किसी प्रोडक्शन ने मुझे बुक किया था, लेकिन बाद में म्यूज़िक कंपनी ने अपने पांच अलग संगीतकारों को रख लिया।"
फिल्म 'छावा' पर टिप्पणी: उन्होंने अपकमिंग फिल्म 'छावा' को 'विभाजनकारी' (Divisive) बताते हुए कहा कि ऐसी फिल्में समाज में बंटवारे का फ़ायदा उठाती हैं, हालांकि उन्होंने इसके संगीत पर गर्व भी जताया।
इंडस्ट्री और राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रिया
रहमान के इस बयान के बाद बॉलीवुड दो धड़ों में बंट गया है:
विरोध: अभिनेत्री कंगना रनौत ने उन पर निशाना साधते हुए उन्हें 'हताश' बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने उनकी फिल्म 'इमरजेंसी' के लिए मिलने से मना कर दिया था। गायक शान और गीतकार जावेद अख़्तर ने भी कहा कि संगीत में सांप्रदायिकता जैसी कोई चीज़ नहीं होती, शायद निर्माताओं को लगता है कि रहमान अब बहुत महंगे या व्यस्त हो गए हैं।
समर्थन: लेखक और गीतकार वरुण ग्रोवर ने रहमान का बचाव करते हुए कहा कि एक महान कलाकार को अपना अनुभव साझा करने पर 'ट्रॉल' किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
विवाद बढ़ता देख रहमान की सफ़ाई
चौतरफ़ा आलोचना और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद, 18 जनवरी 2026 (रविवार) को ए.आर. रहमान ने एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्टीकरण दिया।
उन्होंने कहा, "भारत मेरी प्रेरणा और मेरा घर है। कभी-कभी इरादों को गलत समझ लिया जाता है। मेरा उद्देश्य हमेशा संगीत के जरिए लोगों को जोड़ना और देश की सेवा करना रहा है। मेरा इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था।"
उन्होंने अंत में 'जय हिंद' और 'जय हो' के नारे के साथ अपनी देशभक्ति और देश के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
ए आर रहमान ने आलोचकों को जवाब दियाउन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और वे बहुसांस्कृतिक संगीत के समर्थक हैं।उन्हें आलोचकों से देशभक्ति का प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। pic.twitter.com/r5xfevZBzV
— Dhruv Rathee Satire (@DhruvRathenx) January 18, 2026
पुरानी 'गैंग' वाली बहस फिर ताज़ा हुई
यह पहली बार नहीं है जब रहमान ने बॉलीवुड में काम के माहौल पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले 2020 में भी उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड में एक 'गैंग' सक्रिय है जो उनके ख़िलाफ़ ग़लत अफ़वाहें फैलाता है, जिसकी वजह से उन्हें अच्छी फिल्में नहीं मिल पा रही हैं।
याद रहे कि ए.आर. रहमान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वे रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' और 'छावा' जैसी बड़ी परियोजनाओं से जुड़े हैं। इस विवाद ने एक बार फिर बॉलीवुड के आंतरिक समीकरणों और कलाकारों की वैचारिक स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।