GTC News: आगामी फ़िल्म ‘घूसखोर पंडित’ के निर्माता नीरज पांडेय और अभिनेता मनोज बाजपेयी की फ़िल्म के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए निर्माता ने फिल्म का शीर्षक, ट्रेलर और अन्य सभी प्रचार सामग्री वापस ले ली है। आज सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफ़नामे में पांडेय ने यह भी कहा है कि फ़िल्म का नया शीर्षक अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन वह पहले वाले शीर्षक से मिलता-जुलता नहीं होगा।
Neeraj Pandey, the producer of the upcoming film ‘Ghooskhor Pandat’ starring actor Manoj Bajpai has withdrawn the tile of the film along with released trailers and other promotional material under the said title in compliance of the Supreme Court’s direction. In his affidavit… pic.twitter.com/BqIvwCpnsa
— ANI (@ANI) February 19, 2026
हलफ़नामे में कहा गया है,
“मैं आदरपूर्वक निवेदन करता हूं कि पूर्व शीर्षक ‘घूसखोर पंडत’ को पूरी तरह से वापस लिया जाता है और इसे किसी भी रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यद्यपि नया शीर्षक अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है, मैं यह आश्वासन देता हूं कि आगे जो भी शीर्षक चुना जाएगा, वह पहले वाले शीर्षक से मिलता-जुलता या उसकी याद दिलाने वाला नहीं होगा, जिस पर आपत्तियां जताई गई थीं। नया शीर्षक फिल्म की कथा और मंशा को सही ढंग से दर्शाएगा और किसी प्रकार की अनपेक्षित व्याख्या की गुंजाइश नहीं छोड़ेगा। मैं यह भी स्पष्ट करता हूं कि पहले शीर्षक के तहत जारी सभी प्रचार सामग्री, पोस्टर, ट्रेलर और प्रचार-प्रसार की सामग्री को वर्तमान याचिका की सुनवाई से पहले ही वापस ले लिया गया है।”
सुप्रीम कोर्ट ने फ़िल्म के शीर्षक पर जताई थी आपत्ति
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (12 फ़रवरी) को नेटफ्लिक्स की फ़िल्म ‘घूसखोर पंडित’ के निर्माताओं को इसका शीर्षक बदलने का निर्देश दिया। अदालत ने टिप्पणी की थी कि यह शीर्षक एक विशेष समुदाय को अपमानित करने वाला है और संविधान के तहत इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।
Why should you denigrate a section of society by using such title: SC raps filmmaker Neeraj Pandey on 'Ghooskhor Pandat'.We will not allow you to release film unless you tell us changed title: SC to filmmaker Neeraj Pandey on 'Ghooskhor Pandat'.Title of movie is against… pic.twitter.com/ohSo839gjZ
— Press Trust of India (@PTI_News) February 12, 2026
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी करते हुए उनसे वैकल्पिक शीर्षक सुझाने को कहा। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि निर्माता एक हलफ़नामा दाखिल कर नए प्रस्तावित नाम और आदेश के अनुपालन में किए गए अन्य बदलावों की जानकारी दें। इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी के लिए निर्धारित कर दी गई थी।
फ़िल्म की रिलीज़ और प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की गई थी
यह सुनवाई एक जनहित याचिका (PIL) पर हो रही थी, जिसमें फ़िल्म की रिलीज़ और प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि फ़िल्म का शीर्षक और प्रचार सामग्री जाति और धर्म आधारित रूढ़ियों को बढ़ावा देती है तथा ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।