Saturday, 4th of April 2026

जेल से बाहर आए राजपाल यादव, लेकिन कोर्ट की सख़्त शर्तों की करनी होगी पालना

By: GTC News Desk | Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at: February 17th 2026 05:27 PM
जेल से बाहर आए राजपाल यादव, लेकिन कोर्ट की सख़्त शर्तों की करनी होगी पालना

जेल से बाहर आए राजपाल यादव, लेकिन कोर्ट की सख़्त शर्तों की करनी होगी पालना

GTC Entertainment: मशहूर बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चेक बाउंस मामले में 11 दिन जेल की सलाखों के पीछे बिताने के बाद, उन्हें 16 फरवरी 2026 को अंतरिम ज़मानत मिल गई थी और आज वो जेल से बाहर आ गए हैं।

तिहाड़ से बाहर आए राजपाल यादव

राजपाल यादव पिछले 11 दिनों से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे। उन्हें 5 फरवरी 2026 को सरेंडर करना पड़ा था, क्योंकि वे कोर्ट द्वारा तय की गई क़र्ज़ अदायगी की शर्तों को पूरा नहीं कर पाए थे।

ज़मानत मिलने का मुख्य कारण

पारिवारिक कारण: राजपाल यादव ने अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट से मोहलत मांगी थी। उनकी भतीजी की शादी 19 फरवरी को शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) में होनी तय है।

आंशिक भुगतान: सुनवाई के दौरान राजपाल के वकील ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने शिकायतकर्ता कंपनी के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं।

कोर्ट की कड़ी शर्तें

भले ही राजपाल यादव को राहत मिली है, लेकिन जस्टिस स्वरणा कांता शर्मा की बेंच ने कुछ सख़्त शर्तें भी रखी हैं:

पासपोर्ट जमा करना: उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा और बिना कोर्ट की इजाज़त के वे देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।

अगली सुनवाई: अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को होगी, जिसमें राजपाल को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौजूद रहना होगा।

ज़मानत राशि: उन्हें 1 लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की ज़मानत भरनी पड़ी।

क्या है राजपाल यादव से जुड़ा पूरा मामला?

असल में राजपाल यादव के क़ानूनी संकट की कहानी काफ़ी पुरानी है, जो उनकी बतौर निर्देशक पहली फ़िल्म से शुरू हुई थी।

लोन की शुरुआत: 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए दिल्ली की कंपनी 'मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था।

चेक बाउंस: फिल्म फ्लॉप हो गई और राजपाल क़र्ज़ नहीं चुका पाए। उन्होंने जो चेक दिए थे, वे बाउंस हो गए।

क़र्ज़ का बढ़ता बोझ: ब्याज और पेनल्टी जुड़ते-जुड़ते यह रकम 5 करोड़ से बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई।

जेल की सज़ा: 2018 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की सज़ा सुनाई थी। हालांकि, वे बार-बार अपील के ज़रिए समय मांगते रहे, लेकिन भुगतान न करने पर आख़िरकार उन्हें इस महीने जेल जाना पड़ा।

बॉलीवुड का समर्थन

मुश्किल की इस घड़ी में राजपाल यादव को फ़िल्म इंडस्ट्री का ज़बरदस्त साथ मिला। रिपोर्टों के मुताबिक़, सोनू सूद, सलमान ख़ान, अजय देवगन और निर्देशक प्रियदर्शन जैसे दिग्गज़ों ने उन्हें वित्तीय और नैतिक सहायता की पेशकश की है। बाक़ायदा राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने पुष्टि की कि इंडस्ट्री उनके पीछे चट्टान की तरह खड़ी है। रिहाई के बाद राजपाल यादव एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रख सकते हैं।