मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल): तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार, 6 दिसंबर, को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके़ में 'बाबरी मस्जिद' की तर्ज पर बनने वाली एक नई मस्जिद की आधारशिला रखी। यह घटनाक्रम अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के दिन हुआ, जिसने राज्य की राजनीति और सांप्रदायिक माहौल में तनाव बढ़ा दिया है।
मस्जिद निर्माण का ऐलान और शिलान्यास
तारीख का महत्व: हुमायूं कबीर ने जान-बूझकर शिलान्यास के लिए 6 दिसंबर की तारीख़ चुनी, जो 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने की तारीख़ है।
#WATCH मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल: निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखी। pic.twitter.com/ROAs23cgHS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 6, 2025
समारोह: शनिवार दोपहर 12 बजे के करीब कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मौलवियों ने कुरान पढ़ी, जिसके बाद कबीर ने समर्थकों की भारी भीड़ के बीच फीता काटकर नींव रखी। कार्यक्रम स्थल पर 'अल्लाहु अकबर' के नारे भी लगाए गए।
समर्थकों का उत्साह: कबीर के समर्थकों का एक बड़ा समूह शिलान्यास स्थल पर ईंटें लेकर पहुंचा, जिसे वे मस्जिद निर्माण में योगदान बता रहे थे।
सुरक्षा व्यवस्था और हाई कोर्ट का निर्देश
इस संवेदनशील कार्यक्रम के चलते पूरे मुर्शिदाबाद के बेलडांगा और आसपास के इलाक़ों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था।
सुरक्षा बलों की तैनाती: इलाके़ में केंद्रीय सशस्त्र बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), और बीएसएफ समेत 3000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।
कलकत्ता हाई कोर्ट: कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस निर्माण में सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि क्षेत्र में क़ानून-व्यवस्था सख़्ती से बनी रहे और किसी भी तरह की सांप्रदायिक अशांति न हो।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और बयानबाज़ी
इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीख़ी बयानबाज़ी को जन्म दिया है, जहां कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं।
Long back during partition, India heard "Larke Lenge Pakistan". Now in Beldanga, Murshidabad, West Bengal, we hear "Inshallah Larke Lenge Babri Masjid" pic.twitter.com/oddOKSBnB1
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) December 6, 2025
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थिति
निलंबन: हुमायूं कबीर को इस विवादास्पद ऐलान के कारण ही टीएमसी ने हाल ही में पार्टी से निलंबित कर दिया था।
आरोप: टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं, जैसे फिरहाद हकीम, ने आरोप लगाया है कि कबीर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के इशारे पर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
सामने आई बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया
तुष्टिकरण की राजनीति: बीजेपी ने ममता बनर्जी और टीएमसी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि कबीर को निलंबित करना सिर्फ एक 'नाटक' है और यह सब टीएमसी की रणनीति के तहत हो रहा है।
कड़ी चेतावनी: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बंगाल बीजेपी के नेताओं ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि बीजेपी सत्ता में आई तो वे मस्जिद की एक-एक ईंट उखाड़ देंगे।
क्या है हुमायूं कबीर का रुख़?
संवैधानिक अधिकार: कबीर ने राजनीतिक और क़ानूनी चुनौतियों को खारिज करते हुए कहा है कि मस्जिद का निर्माण करना उनका संवैधानिक अधिकार है, ठीक वैसे ही जैसे मंदिर या गिरजाघर बनाना।
#WATCH | मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल: बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने पर, निलंबित TMC MLA हुमायूं कबीर ने कहा, "मैंने एक साल पहले घोषणा की थी कि मैं एक नई बाबरी मस्जिद की नींव रखूंगा... इसलिए आज, 6 दिसंबर को दोपहर 1.10 बजे, लाखों लोग एकत्रित हुए... मुझे उम्मीद थी कि दो… pic.twitter.com/DHlGIvGQz5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 6, 2025
हुमायूं कबीर ने नई पार्टी का किया ऐलान
टीएमसी से निलंबित होने के बाद, हुमायूं कबीर ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने का भी ऐलान किया है, और उन्होंने आगामी चुनावों में एआईएमआईएम (AIMIM) के साथ गठबंधन करने का संकेत दिया है।
हुमायूं कबीर, जो अतीत में कांग्रेस, टीएमसी और बीजेपी (2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा) में रह चुके हैं, के इस क़दम को आगामी चुनावों से पहले मुस्लिम वोट बैंक को ध्रुवीकृत करने की एक बड़ी राजनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है।