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जयपुर: भारतीय सेना के 78वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान की राजधानी जयपुर आज सैन्य शक्ति और राष्ट्रभक्ति के रंगों में सराबोर रही। कार्यक्रम की शुरुआत सेना क्षेत्र स्थित 'प्रेरणा स्थल' पर एक गरिमामय श्रद्धांजलि समारोह से हुई, जहां सेना के शीर्ष अधिकारियों ने देश के अमर सपूतों को पुष्पांजलि अर्पित की।
शहीदों को नमन: "शहादत को सलाम"
परेड शुरू होने से पहले, चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ़ (CDS) जनरल अनिल चौहान और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रेरणा स्थल पर माल्यार्पण कर ड्यूटी के दौरान प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा कि भारतीय सेना देश की रक्षा संरचना का सबसे मज़बूत स्तंभ है और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी हालिया सफ़लताओं में हमारे जवानों का साहस अद्वितीय रहा है।
#WATCH जयपुर, राजस्थान: 78वीं सेना दिवस परेड में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, "मैं भारतीय सेना के सभी सैनिकों, हमारे सिविल कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देता हूं...जयपुर में सेना दिवस का आयोजन भारतीय सेना को नागरिकों के और… pic.twitter.com/OGIhkobfp3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 15, 2026
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने संदेश में 'वीर नारियों' और शहीद परिवारों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया और सेना के 'नाम, नमक और निशान' के आदर्श वाक्य को दोहराया।
पहली बार छावनी के बाहर भव्य परेड
जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर आयोजित यह परेड ऐतिहासिक थी, क्योंकि यह पहली बार किसी सैन्य परिसर से बाहर सार्वजनिक स्थान पर हुई। इसे देखने के लिए डेढ़ लाख से अधिक लोग उमड़े।
#WATCH राजस्थान | जयपुर में चल रहे 78वें सेना दिवस परेड में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सलामी ली । राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद हैं। pic.twitter.com/goYftYyqJB
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परेड का नेतृत्व: सेना की विभिन्न रेजिमेंटों ने कदमताल करते हुए अपने अनुशासन का परिचय दिया।
#WATCH राजस्थान: जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड जारी है।थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद है। pic.twitter.com/TuMVQE2lrd
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 15, 2026
स्वदेशी शक्ति का प्रदर्शन: परेड में भारत की बढ़ती सैन्य आत्मनिर्भरता की झलक दिखी। ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, और नए गठित 'भैरव बटालियन' ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी ताकत दिखाई।
'ऑपरेशन सिंदूर' के वीरों का सम्मान
समारोह के दौरान एक विशेष पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अदम्य साहस दिखाने वाले सैनिकों को सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया। ख़ासतौर से उन यूनिट्स को 'यूनिट साइटेशन' प्रदान किए गए जिन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान रणनीतिक कौशल और बहादुरी का परिचय दिया था।
तकनीक और आधुनिकीकरण पर ज़ोर
संबोधन के दौरान जनरल द्विवेदी ने घोषणा की कि सेना वर्ष 2026 और 2027 को 'नेटवर्किंग और डेटा-सेंट्रिसिटी का वर्ष' (Years of Networking and Data-Centricity) के रूप में मनाएगी। इसका उद्देश्य भारतीय सेना को एक भविष्य के लिए तैयार, डेटा-संचालित और पूरी तरह से एकीकृत बल में बदलना है।
शाम को 'शौर्य संध्या'
दिन की परेड के बाद, जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में 'शौर्य संध्या' का आयोजन किया गया, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान सेना के जांबाज़ों ने युद्ध कौशल, घुड़सवारी और पैरा-ड्रॉपिंग का रोमांचक प्रदर्शन किया।
#Live :- सेना दिवस परेड, महल रोड, जगतपुरा, जयपुरhttps://t.co/59AQStOZbf
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) January 15, 2026
मुख्य आकर्षण एक नज़र में
कार्यक्रम स्थान / विवरण
श्रद्धांजलि समारोह प्रेरणा स्थल, जयपुर सैन्य स्टेशन
मुख्य परेड महल रोड, जगतपुरा (छावनी से बाहर पहली बार)
मुख्य अतिथि (परेड) मिज़ोरम के राज्यपाल वी.के. सिंह और शीर्ष सैन्य अधिकारी
प्रदर्शित हथियार ब्रह्मोस, पिनाका, रुद्र ब्रिगेड की तकनीक
विशेष बटालियन भैरव बटालियन (पहली बार सार्वजनिक उपस्थिति)
कुल-मिलाकर यह आयोजन न केवल सेना के पराक्रम का प्रदर्शन था, बल्कि आम नागरिकों और सेना के बीच के गहरे जुड़ाव को भी और मज़बूत करने वाला रहा।