नई दिल्ली, भारत: भारत ने शुक्रवार, 20 फरवरी को अमेरिका की अगुवाई वाले वैश्विक गठबंधन "पैक्स सिलिका" में औपचारिक रूप से शामिल होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और महत्वपूर्ण तकनीकी सप्लाई चेन में रणनीतिक सहयोग को नई गति दी। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट के मौके पर औपचारिक रूप से ‘पैक्स सिलिका घोषणा’ पर हस्ताक्षर कर इसमें शामिल हो गया।
घोषणा पर हस्ताक्षर के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, संयुक्त राज्य अमेरिका के आर्थिक विकास, ऊर्जा और पर्यावरण मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद रहे।
#WATCH | Delhi: Ashwini Vaishnaw, Union Minister for Electronics & Information Technology, Jacob Helberg, US Under Secretary of State for Economic Affairs, US Ambassador to India Sergio Gor, MeitY Secretary S Krishnan and other officials pose for a group photograph after the… pic.twitter.com/r55rrcqQdp
— ANI (@ANI) February 20, 2026
हम भविष्य के सह-निर्माण के लिए भारत का स्वागत करते हैं- सर्जियो गोर
सर्जियो गोर ने इससे पहले भारत के संकल्प और दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के दायरे को रेखांकित किया। पैक्स सिलिका पहल में भारत का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इस साझेदारी पर हस्ताक्षर कर दोनों देशों ने जीत का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा, “हम भविष्य के सह-निर्माण के लिए भारत का स्वागत करते हैं। पैक्स सिलिका इस बात से जुड़ा है कि क्या स्वतंत्र समाज वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमान संभालेंगे। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि नवाचार बेंगलुरु और सिलिकॉन वैली में होगा या उन निगरानी-प्रधान देशों में, जहां तकनीक का उपयोग लोगों की निगरानी और नियंत्रण के लिए किया जाता है। हम स्वतंत्रता चुनते हैं, हम साझेदारी चुनते हैं, हम शक्ति चुनते हैं, और आज पैक्स सिलिका में भारत के प्रवेश के साथ हम जीत को चुनते हैं।”
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विश्वसनीय साझेदार देशों के साथ आर्थिक सुरक्षा पर नई सहमति पर आगे बढ़ना मक़सद
संयुक्त राज्य अमेरिका के आर्थिक विकास, ऊर्जा और पर्यावरण मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने भी 'पैक्स सिलिका घोषणा' में भारत के शामिल होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कदम इस बात को रेखांकित करता है कि आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार है और यह उन दबावों और ब्लैकमेल के खिलाफ खड़ा है जो देशों की समृद्धि को कमजोर करते हैं।
उनकी यह टिप्पणी उस समय आई है जब भारत ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट के दौरान अमेरिका-नेतृत्व वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा प्रयास ‘पैक्स सिलिका’ में औपचारिक रूप से प्रवेश किया। पैक्स सिलिका, अमेरिकी विदेश विभाग की कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य सहयोगी और विश्वसनीय साझेदार देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा पर नई सहमति को आगे बढ़ाना है।
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'पैक्स सिलिका घोषणा' देशों के बीच विश्वासपूर्ण रिश्ते क़ायम करने में सहायक
'पैक्स सिलिका घोषणा' विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला के महत्व को रेखांकित करती है, जो पारस्परिक आर्थिक सुरक्षा के लिए अनिवार्य है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को दीर्घकालिक समृद्धि के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में मान्यता देती है। यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब भारत ने फरवरी की शुरुआत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल’ में भाग लिया था, जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया था।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026, ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है, जिसमें नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, शिक्षाविदों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने जिम्मेदार एआई शासन और समावेशी तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श किया।
