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त्रिपोली/ज़िंटान: उत्तर अफ़्रीकी देश लीबिया में हत्याओं का सिलसिला रुकने के नाम नहीं ले रहा है। ख़ासतौर से जब से लीबिया के पूर्व शासक मुअम्मर ग़द्दाफ़ी को मारा गया है, तब से ही लीबिया में अंशाति जारी है और आए दिन किसी ना किसी की हत्या की ख़बरें सामने आती रहती हैं। अब ताज़ा मामला ख़ुद मुअम्मर ग़द्दाफ़ी के बेटे से जुड़ा हुआ है, क्योंकि ख़बर है कि मुअम्मर ग़द्दाफ़ी का बेटे सैफ़ अल-इस्लाम की हत्या कर दी गई है।
Mahjoub Brigade Video, Disinformation, and Verified Updates on the Death of Saif Al Islam GaddafiLibyan media and sources close to the Gaddafi family have formally confirmed the death of Saif al Islam Gaddafi @saifqaddafi following a targeted armed attack near the city of… https://t.co/Gojo0Qvp7R pic.twitter.com/mBWvqBiuAw
— Basha باشا (@BashaReport) February 3, 2026
जी हां, लीबिया के पूर्व नेता मुअम्मर ग़द्दाफ़ी के सबसे शक्तिशाली और चर्चित बेटे सैफ़ अल-इस्लाम ग़द्दाफ़ी की एक सशस्त्र हमले में हत्या कर देने की ख़बर सामने आई है। गौरतलब है कि 53 वर्षीय सैफ़ अल-इस्लाम को कभी अपने पिता के शासन का उत्तराधिकारी और लीबिया का भविष्य माना जाता था। उनकी मौत की पुष्टि उनके वकीलों और राजनीतिक दल ने कर दी है।
कैसे हुई सैफ़ अल-इस्लाम की हत्या?
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, यह हमला ज़िंटान शहर में उनके निजी आवास पर हुआ। सैफ़ अल-इस्लाम की राजनीतिक टीम द्वारा जारी बयान के बक़ौल चार अज्ञात नकाबपोश बंदूकधारी उनके घर में दाखिल हुए। हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ा दिया था। बताया जा रहा है कि सैफ़ अल-इस्लाम ने हमलावरों का मुक़ाबला करने की कोशिश की, लेकिन गोलीबारी के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई।
पश्चिमी देशों से क़रीबी और आलीशान जीवनशैली
सैफ़ अल-इस्लाम को उनके पिता के बेटों में सबसे शिक्षित और आधुनिक माना जाता था। उनकी शख़्सियत के कई दिलचस्प पहलू थे। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पीएचडी की थी और वे धाराप्रवाह अंग्रेज़ी बोलते थे। 2011 के विद्रोह से पहले, उन्हें लीबिया के 'सुधारवादी चेहरे' के रूप में देखा जाता था जो लीबिया को पश्चिमी देशों के क़रीब लाना चाहते थे। उन्हें जंगली जानवरों, ख़ासतौर से बाघ पालने और शिकार करने का बहुत शौक़ था। वे अक़्सर अपने पालतू बाघों के साथ तस्वीरें साझा करते थे और आलीशान पार्टियों के लिए जाने जाते थे। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने लीबिया और पश्चिम के बीच संबंधों को सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई थी, जिसमें लीबिया के परमाणु कार्यक्रम को ख़त्म करने का समझौता भी शामिल था।
2011 के बाद का लीबियाई संघर्ष
2011 में जब नाटो समर्थित विद्रोह में उनके पिता मुअम्मर ग़द्दाफ़ी की सत्ता गिरी और उनकी हत्या कर दी गई, तब सैफ़ अल-इस्लाम को रेगिस्तान से गिरफ़्तार किया गया था। उन्हें कई वर्षों तक ज़िंटान की एक मिलिशिया ने हिरासत में रखा। 2015 में त्रिपोली की एक अदालत ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई थी, लेकिन वे कभी उनके क़ब्ज़े में नहीं आए। 2017 में रिहा होने के बाद वे ग़ुमनामी में चले गए थे, लेकिन 2021 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन भरकर सबको चौंका दिया था।
सैफ़ अल-इस्लाम की हत्या के मायने
कुछ भी हो, लेकिन सैफ़ अल-इस्लाम की हत्या ने लीबिया में एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता का डर पैदा कर दिया है। वे उन लोगों के लिए एक उम्मीद थे जो ग़द्दाफ़ी युग की 'स्थिरता' को याद करते थे। उनकी मौत से उन समर्थक गुटों को बड़ा झटका लगा है जो उन्हें देश के अगले राष्ट्रपति के रूप में देख रहे थे।