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लगातार सुर्खियां बटोरता भारत और अमेरिका का रिश्ता एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। दरअसल, भारत और अमेरिका के ट्रेड डील का ऐलान हो गया है। इसके मद्देनज़र भारत पर 50 फीसदी को एकदम से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप और पीएम मोदी के बीच टेलीफोन पर लंबी बातचीत हुई। ट्रंप ने पीएम मोदी से हुई इस बातचीत का ज़िक्र 'ट्रुथ सोशल' पर भी किया।
Donald J. Trump Truth Social Post 11:58 AM EST 02.02.26 pic.twitter.com/HKTag9ZujW
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) February 2, 2026
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका की टैरिफ डील को ऐतिहासिक बताया
भारत और अमेरिका अब एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता करने पर पूरी तरह से सहमत हो गए हैं। इस समझौते के अनुसार, भारतीय निर्यात पर लगे 25 फीसदी टैरिफ को घटाकर अब 18 फीसदी कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग और समृद्धि की बात कही है।
बीते सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टेलीफोन पर बातचीत उस दिन हुई जब देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर अमेरिका के लिए रवाना हुए हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई इस डील पर अपने विचार रखते हुए एक्स पर लिखा कि इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, विकास को गति मिलेगी और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे 'मेक इन इंडिया ' पहलों को मजबूती मिलेगी और विश्वसनीय तकनीकी संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। हमारे आर्थिक सहयोग में अपार संभावनाएं हैं और हमें विश्वास है कि हम इन्हें साकार करेंगे। मजबूत आर्थिक संबंध हमारी रणनीतिक साझेदारी की सबसे मज़बूत नींव है।
Welcome the announcements on bilateral trade following the conversation between PM @narendramodi and President @realDonaldTrump. This will create more jobs, spur growth and promote innovation in both economies. It will strengthen ‘Make in India’ endeavors and encourage trusted…
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 2, 2026
पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर शुरू हुई थी बातचीत
साल 2024 के फरवरी में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की वॉशिंगटन में मुलाक़ात हुई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने जल्द ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर आगे बढ़ने में तब रुकावट आ गई जब ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया, जिसमें रूस से कच्चे तेल की खरीद पर भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत का दंडात्मक टैरिफ भी शामिल था।
भारत-अमेरिका की 'ट्रेड डील' को पहले ही मिल चुका था ग्रीन सिग्नल
बीते दिनों ही भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया था कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर सहमति लगभग बन चुकी है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के बीच वर्चुअल बैठक हुई थीठ इस बैठक के बाद से ही दोनों देशों के प्रतिनिधि लगातार संपर्क में थे और व्यापार समझौते पर सहमति बनाने को लेकर बातचीत चल रही थी।
रूस के भारत को तेल देना जारी रखने के भरोसे का क्या होगा
भारत जो तेल रूस से आयात करता था उसकी दर काफी सस्ती थी। साल 2024 में भारत के कुल कच्चे तेल के आयात का 36 प्रतिशत हिस्सा रूस से आया था। उस समय 1.8 मीलियन बैरल ऑयल था। साल 2025 में दिसंबर के महीने में जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आए थे तब उन्होंने अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद भारत को तेल दिए जाने को जारी रखने की बात कही थी। एसे में यह सवाल उठता है कि अमेरिका से हुई डील के चलते अगर भारत, रूस से तेल नहीं खरीदेगा और अमेरिका से तेल खरीदने की नौबत आती है तो भारत को यह सौदा महंगा तो नहीं पड़ेगा!