लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) 1 जनवरी 2026 से प्रदेश भर में अपनी नई बस सेवा का जाल बिछाने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन दूर-दराज के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है जहां अब तक सरकारी बसें नहीं पहुंच पाती थीं।
योजना की मुख्य विशेषताएं
385 नए मार्ग: परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में 385 ऐसे रूटों की पहचान की है जो अब तक उपेक्षित थे।
20 परिवहन क्षेत्र शामिल: यह सेवा लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, आगरा, गोरखपुर, और झांसी समेत प्रदेश के सभी 20 प्रमुख क्षेत्रों में एक साथ सक्रिय होगी।
किराये में भारी कटौती: 'जनता बस सेवा' का किराया सामान्य रोडवेज़ बसों की तुलना में 20% कम होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि सामान्य बस का किराया ₹100 है, तो जनता बस में केवल ₹80 देने होंगे।
किसे मिलेगा सबसे ज़्यादा फ़ायदा?
यह योजना केवल आवाजाही का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए 'लाइफ़लाइन' साबित होगी:
छोटे व्यापारी व किसान: गांव के किसान अब कम खर्च में अपनी सब्ज़ियां, फ़ल और दूध शहरों तक पहुंचा सकेंगे।
छात्र: तहसील और ज़िला मुख्यालयों के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह सेवा सुरक्षित और किफ़ायती होगी।
महिला यात्री: गांवों के अंदर तक बसों की पहुंच से महिलाओं का सफ़र पहले से अधिक सुरक्षित होगा।
परिचालन और तकनीकी पक्ष
सरकार ने इस सेवा को सुचारू बनाने के लिए कुछ ख़ास नियम तय किए हैं:
सिंगल क्रू व्यवस्था: कई रूटों पर चालक ही परिचालक (Driver-cum-Conductor) की भूमिका निभाएंगे ताकि परिचालन लागत कम रहे।
ग्रामीण स्टाफ़ को प्राथमिकता: इन बसों में चालक और परिचालक के तौर पर स्थानीय युवाओं (संविदा/आउटसोर्स) को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रोत्साहन राशि: अच्छा प्रदर्शन करने वाले चालकों को ₹3,000 से ₹5,000 तक का मासिक बोनस भी दिया जाएगा।
रूट की दूरी: ये बसें मुख्य रूप से 60 से 100 किलोमीटर के दायरे में संचालित होंगी और दिन भर में कम से कम 4 चक्कर (ट्रिप) लगाएंगी।
2026 में शामिल होने वाले प्रमुख क्षेत्र
क्षेत्र (Zone) प्रमुख ज़िले
पश्चिम यूपी नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, मेरठ, सहारनपुर
मध्य यूपी लखनऊ, कानपुर, इटावा, अयोध्या
पूर्वी यूपी वाराणसी, गोरखपुर, आज़मगढ़, प्रयागराज
बुंदेलखंड झांसी, चित्रकूट, बांदा
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं माननीय परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के निर्देश पर जनता बस सेवा योजना के अंतर्गत प्रदेशभर के 385 मार्गों पर बस सेवाएँ प्रारंभ की जा रही हैं। कम किराया, बेहतर कनेक्टिविटी एवं सुरक्षित यात्रा—हर यात्री के लिए सुविधा और भरोसा। UPSRTC — हर सफर में… pic.twitter.com/Pr0qP6Lebl
— UPSRTC (@UPSRTCHQ) December 31, 2025
डिजिटल सेवाओं से जुड़ाव
बसों के साथ-साथ परिवहन विभाग ने 49 आरटीओ सेवाओं को भी डिजिटल कर दिया है। अब ग्रामीण यात्री जन सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से मात्र ₹30 में बस टिकट बुकिंग और लाइसेंस संबंधित कार्य करवा सकेंगे।
बहरहाल नए साल यानी 2026 में यूपी रोडवेज़ का यह कदम न केवल 'अंत्योदय' के संकल्प को पूरा करेगा, बल्कि गांवों और शहरों के बीच की भौगोलिक दूरी को भी कम करेगा।