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लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं, बल्कि देश का एक प्रमुख निर्यात पावरहाउस बनकर उभरा है। नीति आयोग के 'निर्यात तैयारी सूचकांक 2024' में उत्तर प्रदेश ने लंबी छलांग लगाते हुए देश भर में चौथा (4th) स्थान हासिल किया है। ख़ास बात यह है कि भू-आबद्ध (Landlocked) राज्यों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर क़ाबिज़ हुआ है।
उत्तर प्रदेश आज Bottleneck State से Breakthrough State बन चुका है...आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को उनकी इस दूरदर्शी सोच के लिए हृदय से आभार। pic.twitter.com/8ahaCf9tSH
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 13, 2026
2022 से 2024: सातवें से चौथे पायदान का सफ़र
वर्ष 2022 की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश सातवें स्थान पर था। मात्र दो वर्षों के भीतर तीन अंकों के सुधार के साथ चौथे स्थान पर पहुंचना योगी सरकार की आर्थिक नीतियों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
शीर्ष 3 राज्य: महाराष्ट्र (प्रथम), तमिलनाडु (द्वितीय) और गुजरात (तृतीय)।
यूपी की उपलब्धि: बिना समुद्र तट के चौथे स्थान पर आना इस बात का प्रमाण है कि राज्य ने अपने लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर का बनाया है।
सफ़लता के चार मुख्य स्तंभ
नीति आयोग ने यह रैंकिंग 4 मुख्य स्तंभों और 70 संकेतकों के आधार पर तैयार की है, जिनमें यूपी का प्रदर्शन शानदार रहा:
नीति और सुशासन (Policy): नई निर्यात नीति और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस।
बिज़नेस इकोसिस्टम: उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल और सिंगल विंडो क्लीयरेंस।
निर्यात अवसंरचना (Infrastructure): मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, जेवर एयरपोर्ट और ड्राई पोर्ट्स का विकास।
निर्यात प्रदर्शन: वैश्विक बाजारों में यूपी के उत्पादों की बढ़ती मांग।
योगी सरकार की वे योजनाएं जिन्होंने बदली तस्वीर
राज्य की इस सफ़लता के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और ठोस रणनीतियां रही हैं:
ODOP (एक ज़िला-एक उत्पाद): इस योजना ने स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय ख़रीदारों से जोड़ा।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS): पिछले तीन वर्षों से आयोजित हो रहे इस मेगा इवेंट ने निर्यातकों को करोड़ों के ऑर्डर दिलाने में मदद की।
वित्तीय सहायता: माल भाड़ा प्रतिपूर्ति (Freight Subsidy), एयर कार्गो सहायता और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग के लिए सरकारी सब्सिडी।
MSME सशक्तिकरण: यूपी के 96 लाख से अधिक MSME इकाइयों को प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देकर उन्हें निर्यात योग्य बनाया गया।
रोज़गार और निवेश का नया मॉडल
अधिकारियों के मुताबिक़, यूपी अब निर्यात को केवल व्यापार नहीं बल्कि रोज़गार और निवेश से जोड़कर एक नया मॉडल पेश कर रहा है। 'ऑपरेशन सिंदूर' और अन्य रणनीतिक सुधारों के जरिए राज्य 2030 तक 'निर्यात का राजा' बनने की दिशा में अग्रसर है।
EPI 2024: उत्तर प्रदेश की स्थिति एक नज़र में
श्रेणी स्थान (Rank)
ओवरऑल नेशनल रैंकिंग 4वां
लैंडलॉक्ड (भू-आबद्ध) राज्य 1 ला (विजेता)
पिछली रैंकिंग (2022) 7वां
मुख्य प्रतिद्वंदी (तटीय) महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात
यह उपलब्धि न केवल यूपी के उद्यमियों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि राज्य को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को भी गति प्रदान करेगी।