Sunday, 12th of July 2026

उत्तर प्रदेश AI और हेल्थ इनोवेशन समिट 2026: तकनीक से बदलेंगे स्वास्थ्य सेवाओं के मायने

Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at: January 12th 2026 01:14 PM
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उत्तर प्रदेश AI और हेल्थ इनोवेशन समिट 2026: तकनीक से बदलेंगे स्वास्थ्य सेवाओं के मायने

उत्तर प्रदेश AI और हेल्थ इनोवेशन समिट 2026: तकनीक से बदलेंगे स्वास्थ्य सेवाओं के मायने

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को आधुनिक और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी के 'द सेंट्रम' में दो दिवसीय 'उत्तर प्रदेश AI और हेल्थ इनोवेशन समिट 2026' का उद्घाटन किया। इस मौक़े पर उनके साथ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री अजीत पाल भी मौजूद रहे।

मुख्य आकर्षण और उद्घाटन सत्र

मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन की शुरुआत की और कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल भविष्य की तकनीक नहीं है, बल्कि यह वर्तमान की आवश्यकता है जो शासन और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

मिशन इंडिया-AI का हिस्सा: यह सम्मेलन फरवरी 2026 में नई दिल्ली में होने वाले 'इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट' की एक पूर्ववर्ती (precursor) कड़ी है।

प्रमुख उपस्थिति: उद्घाटन सत्र में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल, विश्व बैंक (World Bank), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की।

सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य

इस दो दिवसीय समिट में विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हो रहा है:

AI-आधारित डायग्नोस्टिक्स: कैंसर, टीबी और रेडियोलॉजी जैसी बीमारियों की जांच के लिए AI उपकरणों का उपयोग।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM): डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स और डेटा शेयरिंग को सुरक्षित बनाने पर चर्चा।

ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन: राज्य के सुदूर गांवों तक एआई-सक्षम उपकरणों के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहुंच सुनिश्चित करना।

कार्यबल सशक्तिकरण: आशा (ASHA), आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और नर्सों को एआई टूल्स के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित करना।

उत्तर प्रदेश बनेगा 'AI सिटी' का केंद्र

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लखनऊ और नोएडा में 'AI सिटी' विकसित करने की योजना पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि 'एआई प्रज्ञा' कार्यक्रम के तहत राज्य के 10 लाख युवाओं को एआई के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

'इनोवेशन एंड एक्सपीरियंस ज़ोन'

समिट में एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है जहां 50 से ज़्यादा स्टार्टअप्स अपने एआई-आधारित समाधानों का लाइव प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां स्मार्ट वॉचेस, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीनों और एआई-संचालित पैथोलॉजी टूल्स को दिखाया गया है जो ग्रामीण यूपी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।

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