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लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस निर्देश का स्वागत किया, जिसमें राष्ट्रीय गान से पहले ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह पद गाने को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने इसे “गर्व का विषय” बताया। उन्होंने कहा, “‘वंदे मातरम्’ राजपत्र में अधिसूचित किया गया है। अब सभी भारतीयों को राष्ट्रीय गीत के रूप में ‘वंदे मातरम्’ गाना चाहिए। यह गर्व की बात है और मैं इसके लिए गृह मंत्री को बधाई देता हूं।
Lucknow, Uttar Pradesh: Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya says, "No one will be able to oppose 'Vande Mataram.' Singing 'Vande Mataram' has been made mandatory while living in India, and anyone who opposes it will reveal their true colors..." pic.twitter.com/f3O6SZG9FO
— IANS (@ians_india) February 13, 2026
‘वंदे मातरम्’ के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी
यह प्रतिक्रियाएं केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी करने के बाद आई हैं। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ के आधिकारिक संस्करण के सभी छह पद गाए जाएंगे। इससे पहले, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी गृह मंत्रालय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस निर्देश को तत्काल प्रभाव से लागू करेगी।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा ‘जन गण मन’ से पहले ‘वंदे मातरम्’ के छह पद गाने का निर्णय न केवल सराहनीय है, बल्कि इससे हमें स्वतंत्रता से पहले देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी बलिदानियों को याद करने का अवसर मिलेगा। हम सौभाग्यशाली हैं कि प्रधानमंत्री ने संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ गाने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश सरकार इस फैसले का समर्थन करती है और इसे तुरंत लागू करेगी।”
वहीं, भाजपा सांसद सुधा मूर्ति ने भी समर्थन व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ दोनों पसंद हैं।”
Delhi: Rajya Sabha MP Sudha Murty says, "Let the children learn both, for me learning is a process. For me I will like to learn both...." pic.twitter.com/en2CJOmFkL
— IANS (@ians_india) February 13, 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी इस फैसले की सराहना की
इससे पहले, मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि यह शुभ दिन काफी देर से आया है। जो काम वर्षों पहले हो जाना चाहिए था, वह अब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया गया है। मुझे गर्व है कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना जगाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मैं प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि जो निर्णय पहले लिया जाना चाहिए था, वह उनके कार्यकाल में लागू हुआ।”
कानून बनने के बाद यह सभी संस्थानों और स्कूलों के लिए अनिवार्य
जब उनसे स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ के पद राष्ट्रीय गान से पहले गाने के क्रियान्वयन के बारे में पूछा गया, तो मंत्री ने कहा कि कई संस्थान पहले से ही इसका पालन कर रहे हैं, लेकिन कानून बनने के बाद यह सभी संस्थानों और स्कूलों के लिए अनिवार्य हो जाएगा। उन्होंने कहा, “अधिकांश स्कूल और संस्थान इसे स्वयं ही अपनाते हैं, लेकिन जब कोई बात कानून बन जाती है, तो स्वाभाविक रूप से वह हर संस्थान और स्कूल के लिए अनिवार्य हो जाती है। यह एक बहुत अच्छा निर्णय है।”