लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों के लिए अनंतिम निर्वाचक नामावली (Voter List) जारी कर दी है। इस बार की सूची में युवाओं की भागीदारी पर विशेष ज़ोर दिया गया है, जिसमें लाखों नए नाम जोड़े गए हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां और समय सीमा
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए ये समय सीमा तय की गई है:
अनंतिम प्रकाशन: 23 दिसंबर, 2025 को ड्राफ्ट लिस्ट सार्वजनिक की गई।
दावे और आपत्ति दर्ज करना: 24 दिसंबर से 30 दिसंबर, 2025 तक।
निस्तारण की अवधि: प्राप्त आपत्तियों का निपटारा 1 जनवरी से 5 जनवरी, 2026 के बीच किया जाएगा।
अंतिम प्रकाशन: सभी सुधारों के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन जनवरी 2026 के प्रथम पखवाड़े में होने की उम्मीद है।
प्रमुख आंकड़े: लाखों नाम हटाए और जोड़े गए
इस बार की मतदाता सूची में शुचिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने बड़े स्तर पर स्क्रूटनी की है:
वोटरों की बढ़ोतरी: पूरे प्रदेश में लगभग 40.19 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं।
पहली बार के वोटर: क़रीब 15 लाख युवा पहली बार पंचायत चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
नाम हटाए गए: फर्जीवाड़े और दोहरी प्रविष्टियों को रोकने के लिए लगभग 3.93 लाख नाम सूची से डिलीट किए गए हैं (मृतक या स्थानांतरित मतदाता)।
हालाकि आम आदमी पार्टी ने इन आंकड़ों पर कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है।
SIR गैरसंवैधानिक हैयूपी में 2.89 करोड़ वोटर के नाम कटेंगे • 46 लाख की मौत हो गई• 1.26 करोड़ दूसरी जगह चले गएक्या ये लोग जहाँ गए वहीं के मतदाता हैं?• 23.70 लाख डुप्लीकेट हैं• 83.73 लाख अनुपस्थितये तो पूरा फर्जीवाड़ा है।• 9.57 लाख अन्य श्रेणी में हैंग़ज़ब तमाशा। pic.twitter.com/iyWyFhVcdr
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) December 27, 2025
दावे और आपत्ति कैसे दर्ज करें?
यदि आपका नाम सूची में नहीं है, या नाम/पते में कोई गलती है, तो आप दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
ऑफ़लाइन माध्यम: अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) के पास जाकर निर्धारित फॉर्म भरें। आप विकास खंड कार्यालय (Block Office) या तहसील में भी आवेदन दे सकते हैं।
ऑनलाइन माध्यम: राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट sec.up.nic.in पर जाकर 'Panchayat Voter Search' के ज़रिए अपना नाम चेक करें और सुधार के लिए ई-फॉर्म भरें।
प्रशासन की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि "एक भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटना नहीं चाहिए।" जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में स्वयं सत्यापन की निगरानी करें ताकि पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सके।
विशेष नोट: 30 दिसंबर के बाद किसी भी दावे या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। अतः सभी ग्रामीण मतदाता समय रहते सूची में अपना नाम ज़रूर देख लें।