Friday, 16th of October 2026

प्रयागराज: माघ मेले में षटतिला एकादशी का पुण्य स्नान, संगम पर उमड़ी भीड़

Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at:
प्रयागराज: माघ मेले में षटतिला एकादशी का पुण्य स्नान, संगम पर उमड़ी भीड़

प्रयागराज: माघ मेले में षटतिला एकादशी का पुण्य स्नान, संगम पर उमड़ी भीड़

प्रयागराज: तीर्थराज प्रयागराज में माघ महीने के दौरान संगम तट पर स्नान करने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। आज, 14 जनवरी 2026 को एकादशी के मौके़ पर ब्रह्म मुहूर्त से ही घाटों पर भक्तों का तांता लगा रहा।

षटतिला एकादशी का विशेष संयोग

इस साल माघ मेले में एकादशी का स्नान बेहद ख़ास है क्योंकि यह मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर पड़ा है। शास्त्रों के मुताबिक़, माघ मास की एकादशी (षटतिला एकादशी) पर तिल का उपयोग और गंगा स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाने के बाद सूर्य को अर्घ्य दिया और तट पर तिल व गर्म कपड़ों का दान किया।

प्रशासन की पुख़्ता इंतज़ाम और सुरक्षा

बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद दिखा:

सुरक्षा बल: मेला क्षेत्र में क़रीब 10,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा UP ATS के मोबाइल स्क्वाड भी सुरक्षा की निगरानी कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं का आंकड़ा: आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक़, सुबह 6 बजे तक ही करीब 9 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। पूरे दिन में यह संख्या कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।

निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के ज़रिए पैनी नज़र रखी जा रही है ताकि भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) में कोई चूक न हो।

कल्पवासियों का तप

संगम की रेती पर एक महीने तक कठिन साधना करने वाले कल्पवासियों के लिए भी आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। पौष पूर्णिमा (3 जनवरी) से शुरू हुए कल्पवास के दौरान आज एकादशी का उपवास और स्नान उनकी साधना का एक मुख्य हिस्सा है।

आगामी मुख्य स्नान: मकर संक्रांति

प्रयागराज माघ मेला 2026 का अगला और सबसे महत्वपूर्ण स्नान मकर संक्रांति को होगा। प्रशासन का अनुमान है कि मकर संक्रांति के अवसर पर संगम तट पर 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। इसके लिए पार्किंग, स्वास्थ्य शिविर और अतिरिक्त स्नान घाटों की व्यवस्था को और भी मज़बूत किया गया है।

मुख्य तथ्य: माघ मेला 2026

प्रारंभ: 3 जनवरी 2026 (पौष पूर्णिमा)

समापन: 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि)

विशेषता: इस बार मेले में लगभग 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।