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नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के साथ, नितिन नबीन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया है। 45 वर्षीय नबीन भाजपा के 45 साल के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में इस अवसर पर उनका अभिनंदन किया और उनके नेतृत्व में पार्टी के एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत होने का विश्वास व्यक्त किया। भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में निर्वाचन अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने नितिन नबीन के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। इस अवसर पर पीएम मोदी ने उन्हें "संगठन का ऊर्जावान शिल्पकार" बताते हुए कहा कि वे उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने भारत की बदलती आर्थिक और सामाजिक तस्वीर को बहुत क़रीब से देखा है।
भारतीय जनता पार्टी संगठन पर्व, भाजपा मुख्यालय। pic.twitter.com/OFK7xVfwkX
— Nitin Nabin (@NitinNabin) January 20, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश: "नितिन नबीन अब मेरे भी बॉस हैं"
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा:
"पार्टी के मामलों में माननीय नितिन नबीन जी अब हम सभी के अध्यक्ष हैं और वे मेरे भी बॉस हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनका नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और कार्यकर्ताओं से गहरा जुड़ाव पार्टी को और अधिक सशक्त बनाएगा। वे 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।"
लोगों को लगता होगा कि मैं लगातार तीन बार से देश का प्रधानमंत्री हूं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता होना मेरे लिए सबसे अधिक गर्व की बात है। जब बात पार्टी के विषयों की आती है, तो हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी मेरे भी बॉस हैं। pic.twitter.com/Yc2UiL8Yj5
— Narendra Modi (@narendramodi) January 20, 2026
नितिन नबीन के सफ़र पर एक नज़र
सबसे युवा अध्यक्ष: 45 वर्ष की आयु में इस पद पर पहुंचकर उन्होंने एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
बिहार से राष्ट्रीय पटल तक: पटना की बांकीपुर सीट से लगातार 5 बार के विधायक नबीन ने अपनी राजनीतिक यात्रा 2006 में अपने पिता, दिवंगत नबीन किशोर सिन्हा के निधन के बाद शुरू की थी।
संगठनात्मक अनुभव: राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले वे छत्तीसगढ़ के प्रभारी और पार्टी के 'राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष' के रूप में अपनी धाक जमा चुके थे। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की वापसी में उनकी रणनीतिक भूमिका अहम रही।
भाजपा के लिए क्या मायने रखती है यह नियुक्ति?
नितिन नबीन की नियुक्ति भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत पार्टी भविष्य की चुनौतियों के लिए 'युवा नेतृत्व' (Gen-Z और Millennials) को आगे ला रही है।
हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है, अनुभव से समृद्ध होता है और जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है। भाजपा की शून्य से लेकर शिखर तक की यात्रा में ये सदैव प्रतिबिंबित होता रहा है। pic.twitter.com/cNhxRCrlhc
— Narendra Modi (@narendramodi) January 20, 2026
नबीन के सामने तात्कालिक चुनौतियां:
आगामी विधानसभा चुनाव: इस वर्ष पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव होने हैं। नबीन के कंधों पर इन राज्यों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने का ज़िम्मा होगा।
संगठन का विस्तार: दक्षिण भारत में पार्टी की पैठ को मज़बूत करना और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखना।
NDA समन्वय: प्रधानमंत्री ने साफ़ किया कि नबीन की ज़िम्मेदारी केवल भाजपा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें एनडीए (NDA) के सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल भी सुनिश्चित करना होगा।
भाजपा अध्यक्षों की गौरवशाली परंपरा में नया नाम
अध्यक्ष विशेषता
अटल बिहारी वाजपेयी पार्टी के संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष।
अमित शाह पार्टी का अखिल भारतीय विस्तार करने वाले 'आधुनिक चाणक्य'।
जे.पी. नड्डा सांगठनिक अनुशासन और 2024 की ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार।
नितिन नबीन सबसे युवा अध्यक्ष, जो 'विकसित भारत 2047' के विज़न को आगे बढ़ाएंगे।
कुल-मिलाकर नितिन नबीन की ताजपोशी भाजपा के भीतर एक बड़े 'जेनरेशनल शिफ्ट' (पीढ़ीगत बदलाव) का संकेत है। यह नियुक्ति दिखाती है कि भाजपा एक जीवंत संगठन है जहां एक सामान्य कार्यकर्ता अपनी मेहनत और समर्पण के दम पर सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।