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नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक ऐसी पत्रिका के अंश पढ़े, जिसमें पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल एम.एम. नरवणे की आगामी (अप्रकाशित) संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का उल्लेख था।
विवाद की शुरुआत
राहुल गांधी ने चर्चा के दौरान 'कारवां' (The Caravan) पत्रिका का एक प्रिंटआउट दिखाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस किताब के अंश भारत-चीन सीमा विवाद (डोकलाम और लद्दाख) के दौरान सरकार के फै़सले लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं। राहुल गांधी ने जैसे ही "डोकलाम में चीनी टैंक" शब्द का उल्लेख किया, सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया।
LIVE: Motion of Thanks | 18th Lok Sabha https://t.co/shbuLNv76o
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 2, 2026
सरकार की तीख़ी प्रतिक्रिया
सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के इस कदम पर गंभीर आपत्ति जताई:
राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री): उन्होंने राहुल गांधी को बीच में टोकते हुए कहा, "राहुल गांधी पहले यह साफ़ करें कि वह जिस किताब का ज़िक्र कर रहे हैं, क्या वह प्रकाशित हुई है? अगर किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, तो उसके अंशों को सदन के पटल पर पढ़ना पूरी तरह से अनुचित और नियमों के ख़िलाफ़ है। वह सदन को गुमराह कर रहे हैं।"
अमित शाह (गृह मंत्री): शाह ने कहा कि बिना प्रामाणिकता के किसी पत्रिका की रिपोर्ट का हवाला देना संसदीय मर्यादा का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, "एक मैग़ज़ीन कुछ भी छाप सकती है, लेकिन जब तक कोई दस्तावेज प्रमाणित (Authenticate) न हो, उसे सदन में रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता।"
किरेन रिजिजू (संसदीय कार्य मंत्री): रिजिजू ने नियम 349(i) का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी सदस्य सदन की कार्यवाही से असंबद्ध किताब या अखबार के अंश नहीं पढ़ सकता।
राहुल गांधी का तर्क
अपनी सफ़ाई में राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा इसलिए उठाया क्योंकि बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल खड़े किए थे। राहुल ने कहा, "मैं यह अंश इसलिए पढ़ रहा हूँ ताकि पता चले कि असली देशभक्त कौन है। यह सामग्री 100% प्रामाणिक है और सार्वजनिक डोमेन (मैग़ज़ीन) में उपलब्ध है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह चीन के मुद्दे पर राष्ट्रीय सुरक्षा की बात कर रहे हैं।
दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "यह मैं नहीं कह रहा, यह बात पूर्व आर्मी चीफ ने एक किताब में लिखी है। उस किताब को पब्लिश नहीं होने दिया जा रहा है...और यह आर्मी चीफ का नज़रिया है। वे आर्मी चीफ के नज़रिए से इतना क्यों डर रहे हैं? आर्मी चीफ जो… pic.twitter.com/qEkh9IyROb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2026
#WATCH दिल्ली | संसद के अंदर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "...यह किसी पब्लिश्ड सोर्स से होना चाहिए, चाहे वह किताब हो या मैगज़ीन। यह किताब का एक हिस्सा है और यह पब्लिश हो चुका है। इसमें कोई अप्रमाणित सोर्स नहीं… pic.twitter.com/5ezXH2HMdk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2026
स्पीकर की रूलिंग और सदन स्थगित
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए राहुल गांधी को ऐसी किसी भी सामग्री को पढ़ने से रोक दिया जो आधिकारिक रूप से प्रकाशित या प्रमाणित नहीं है। उन्होंने कहा, "सदन की गरिमा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर अप्रमाणित दावों का उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए।"
हंगामे और नारेबाज़ी के बीच, स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को पहले दोपहर 3 बजे तक और बाद में दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।
क्या है जनरल नरवणे की किताब का विवाद?
जनरल एम.एम. नरवणे की किताब 'Four Stars of Destiny' काफ़ी समय से चर्चा में है। खबरों के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय (MoD) इस किताब की समीक्षा कर रहा है क्योंकि इसमें 2020 के लद्दाख गतिरोध और 'अग्निपथ' योजना जैसे संवेदनशील विषयों का उल्लेख है। आधिकारिक तौर पर यह किताब अभी तक बाज़ार में नहीं आई है, लेकिन इसके कुछ कथित अंश मीडिया में लीक हो गए थे। बहरहाल, विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, जबकि सरकार का कहना है कि राहुल गांधी नियमों का उल्लंघन कर सेना के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।