Friday, 16th of January 2026

चंपारण से विकास का नया शंखनाद, 9 ज़िलों की नब्ज़ टटोलने 'समृद्धि यात्रा' पर निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 16th 2026 03:32 PM  |  Updated: January 16th 2026 03:32 PM
चंपारण से विकास का नया शंखनाद, 9 ज़िलों की नब्ज़ टटोलने 'समृद्धि यात्रा' पर निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

चंपारण से विकास का नया शंखनाद, 9 ज़िलों की नब्ज़ टटोलने 'समृद्धि यात्रा' पर निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

बेतिया/पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज एक बार फिर अपने चिर-परिचित 'यात्रा' अंदाज़ में जनता के बीच दस्तक दी है। मकर संक्रांति के ठीक बाद, उन्होंने पश्चिम चंपारण के बेतिया से 'समृद्धि यात्रा' का औपचारिक शुभारंभ किया। यह नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री काल की 17वीं राज्यव्यापी यात्रा है, जिसे 2025 के विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद उनके अगले 5 साल के 'सुशासन' का रोडमैप माना जा रहा है।

चंपारण से ही क्यों शुरू की गई यात्रा?

नीतीश कुमार के लिए चंपारण की धरती हमेशा से 'लकी' रही है। गांधी जी की इस कर्मभूमि से उन्होंने अपनी अधिकांश बड़ी यात्राओं की शुरुआत की है। इस बार भी उन्होंने बेतिया के ऐतिहासिक रमना मैदान से विकास का बिगुल फूंका। यात्रा के पहले दिन मुख्यमंत्री ने 182 करोड़ रुपये की 161 विकास योजनाओं की सौगात दी, जिसमें 125 परियोजनाओं का शिलान्यास और 36 का उद्घाटन शामिल है।

समृद्धि यात्रा का मुख्य उद्देश्य

इस यात्रा का प्राथमिक लक्ष्य विकास को अंतिम पायदान तक पहुंचाना और 'सात निश्चय-पार्ट 3' की ज़मीन तैयार करना है। मुख्यमंत्री मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं:

ज़मीनी हक़ीक़त की समीक्षा: पूर्व की 'प्रगति यात्रा' के दौरान घोषित ₹50,000 करोड़ की परियोजनाओं के कार्यान्वयन का स्थल निरीक्षण।

औद्योगिक विस्तार: कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र (SEZ) का निरीक्षण कर स्थानीय उद्यमियों और 'जीविका दीदियों' से सीधा संवाद।

जनसंवाद: सीधे जनता की शिकायतों को सुनना और अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देना।

रोज़गार और निवेश: 10 लाख युवाओं को रोज़गार देने के वादे पर प्रगति की समीक्षा।

यात्रा का रूट मैप: पहला चरण (16 - 24 जनवरी)

    समृद्धि यात्रा के पहले चरण में मुख्यमंत्री 8 दिनों के भीतर 9 ज़िलों को कवर करेंगे।

दिनांक                                                       ज़िला                                                             मुख्य कार्यक्रम

6 जनवरी                                             पश्चिम चंपारण (बेतिया)                                 यात्रा का शुभारंभ, SEZ निरीक्षण, शिलान्यास1

7 जनवरी                                             पूर्वी चंपारण                                                      विराट रामायण मंदिर दर्शन, विकास कार्यों की समीक्षा

19 जनवरी                                          सीतामढ़ी और शिवहर                                   ज़िला स्तरीय योजनाओं का निरीक्षण

20 जनवरी                                           गोपालगंज                                                        जनसंवाद एवं समीक्षा बैठक

21 जनवरी                                           सिवान                                                               सात निश्चय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट

22 जनवरी                                           सारण (छपरा)                                                स्थानीय परियोजनाओं का उद्घाटन

23 जनवरी                                           मुज़फ्फ़रपुर                                                    औद्योगिक इकाइयों का दौरा

24 जनवरी                                           वैशाली                                                              पहले चरण का समापन

विराट रामायण मंदिर और धार्मिक पर्यटन

यात्रा के दूसरे दिन (17 जनवरी) मुख्यमंत्री पूर्वी चंपारण के कैथवालिया जाएंगे, जहां वे विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर का निरीक्षण करेंगे। यहां 33 फीट ऊंचे और 210 टन वजनी विशाल शिवलिंग की स्थापना होनी है। इसे राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के नीतीश सरकार के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।

"यह यात्रा सुशासन, विकास और जन भागीदारी का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि बिहार का हर जिला 'समृद्ध' बने और विकास की किरण हर घर तक पहुंचे।" — नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री

विपक्ष की प्रतिक्रिया

जहां सत्ता पक्ष इसे 'विकसित बिहार' की दिशा में बड़ा क़दम बता रहा है, वहीं मुख्य विपक्षी दल राजद (RJD) ने इसे राजनीतिक दबाव कम करने की कोशिश क़रार दिया है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर पूरी मशीनरी अलर्ट है और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत स्वयं इस यात्रा की निगरानी कर रहे हैं।

Latest News