Wednesday, 25th of February 2026

नितिन नबीन: 'युवा जोश' के साथ भाजपा का नया युग

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 20th 2026 01:38 PM  |  Updated: January 20th 2026 01:38 PM
नितिन नबीन: 'युवा जोश' के साथ भाजपा का नया युग

नितिन नबीन: 'युवा जोश' के साथ भाजपा का नया युग

नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए, नितिन नबीन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। वे जे.पी. नड्डा का स्थान लेंगे और भाजपा के इतिहास में अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए हैं। भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में 45 वर्षीय नितिन नबीन को आधिकारिक तौर पर पार्टी की कमान सौंपी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में उनके नाम की घोषणा निर्विरोध निर्वाचन के बाद की गई।

कौन हैं नितिन नबीन?

बिहार से उदय: नितिन नबीन बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार 5 बार के विधायक हैं।

राजनीतिक विरासत: वे भाजपा के दिग्गज नेता रहे दिवंगत नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं।

संगठनात्मक अनुभव: राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले वे पार्टी के 'राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष' के रूप में काम कर रहे थे। साथ ही वे छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी और सिक्किम के प्रभारी के रूप में अपनी सांगठनिक क्षमता साबित कर चुके हैं।

मंत्री पद: वे बिहार सरकार में पथ निर्माण और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को भी संभाल चुके हैं।

भाजपा अध्यक्षों का इतिहास (1980 - 2026)

1980 में अपनी स्थापना के बाद से भाजपा ने भारतीय राजनीति में लंबी दूरी तय की है। पार्टी के नेतृत्व का जिम्मा संभालने वाले दिग्गजों की सूची इस प्रकार है:

क्रम    अध्यक्ष का नाम                                   कार्यकाल                                      मुख्य उपलब्धि/विशेषता

1     अटल बिहारी वाजपेयी                         1980 – 1986                                 पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और पहले भाजपाई प्रधानमंत्री।

2    लालकृष्ण आडवाणी                             1986 – 1991                                 राम जन्मभूमि आंदोलन के ज़़रिए पार्टी को मुख्यधारा में लाए।

3    मुरली मनोहर जोशी                              1991 – 1993                                  स्वदेशी और राष्ट्रवाद के मुद्दे को धार दी।

4    लालकृष्ण आडवाणी                             1993 – 1998                                  दूसरी बार अध्यक्ष (पार्टी को सत्ता की दहलीज तक पहुंचाया)।

5    कुशाभाऊ ठाकरे                                   1998 – 2000                                  संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने वाले 'तपस्वी' नेता।

6    बंगारू लक्ष्मण                                        2000 – 2001                                  भाजपा के पहले दलित अध्यक्ष।

7    जना कृष्णमूर्ति                                        2001 – 2002                                  दक्षिण भारत से आने वाले प्रमुख नेता।

8    एम. वेंकैया नायडू                                  2002 – 2004                                   पार्टी के युवा चेहरे के रूप में उभरे (बाद में उपराष्ट्रपति बने)।

9    लालकृष्ण आडवाणी                             2004 – 2005                                   तीसरी बार कमान संभाली।

10  राजनाथ सिंह                                          2005 – 2009                                   यूपी के कद्दावर नेता, संगठन में अनुशासन पर ज़ोर दिया।

11  नितिन गडकरी                                     2010 – 2013                                    'अंत्योदय' और विकास आधारित राजनीति का एजेंडा रखा।

12  राजनाथ सिंह                                         2013 – 2014                                    इनके समय ही मोदी को PM पद का उम्मीदवार बनाया गया।

13  अमित शाह                                            2014 – 2020                                   भाजपा के 'आधुनिक चाणक्य', पार्टी का पूरे भारत में विस्तार किया।

14  जे.पी. नड्डा                                              2020 – 2026                                   2024 के लोकसभा चुनाव में सफ़ल नेतृत्व।

15  नितिन नबीन                                        2026 – वर्तमान                                 भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष, पीढ़ीगत बदलाव का संकेत।

नितिन नबीन के सामने मुख्य चुनौतियां

भाजपा के 12वें (क्रमशः 15वें) अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन के कंधे पर बड़ी ज़िम्मेदारियां हैं:

राज्यों के चुनाव: आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में भाजपा के आधार को मज़बूत करना।

पीढ़ीगत बदलाव: पार्टी के पुराने दिग्गजों और नए कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन बिठाना।

संगठन का विस्तार: दक्षिण और पूर्वी भारत में पार्टी की पैठ को और गहरा करना।

बहरहाल नितिन नबीन का चयन यह दर्शाता है कि भाजपा अब अपनी अगली पीढ़ी को भविष्य की बड़ी सियासी लड़ाईयों के लिए तैयार कर रही है।

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