पेंगुइन जागरूकता दिवस 2026: अस्तित्व की जंग और जलवायु संकट

By  Mohd Juber Khan January 20th 2026 02:12 PM

अंटार्कटिका/नई दिल्ली: हर साल 20 जनवरी को दुनिया भर में 'पेंगुइन जागरूकता दिवस' (Penguin Awareness Day) मनाया जाता है। यह दिन इन मनमोहक समुद्री पक्षियों के महत्व को समझने और उनके अस्तित्व पर मंडराते ख़तरों के प्रति सचेत होने का अवसर है। 2026 में यह दिवस एक गंभीर चेतावनी के साथ आया है—जलवायु परिवर्तन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि पेंगुइन की कई प्रजातियों के लिए 'मृत्यु दंड' साबित हो रहा है। पेंगुइन, जिन्हें अक्सर 'समुद्र का प्रहरी' कहा जाता है, आज अपने ही घर में बेघर हो रहे हैं। दरअसल वैश्विक तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और पिघलती बर्फ़ ने इनके प्रजनन चक्र और भोजन की उपलब्धता को तहस-नहस कर दिया है।

जलवायु परिवर्तन: सबसे बड़ा दुश्मन

हालिया वैज्ञानिक शोधों (2025-26) के मुताबिक़, अंटार्कटिका के कुछ क्षेत्रों में पेंगुइन की आबादी में 22% से ज़्यादा की गिरावट देखी गई है।

समुद्री बर्फ़ का पिघलना: 'एम्परर पेंगुइन' जैसी प्रजातियां प्रजनन के लिए स्थिर समुद्री बर्फ़ पर निर्भर करती हैं। बर्फ़ के समय से पहले पिघलने के कारण उनके चूज़े(Chicks) तैरना सीखने से पहले ही पानी में गिर जाते हैं और उनकी मृत्यु हो जाती है।

प्रजनन चक्र में बदलाव: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक ताज़ा अध्ययन के बक़ौल, जलवायु परिवर्तन की वजह से पेंगुइन के प्रजनन के समय में लगभग दो सप्ताह का बदलाव आया है, जिससे उनके बच्चों के लिए भोजन जुटाना मुश्किल हो गया है।

समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका

पेंगुइन को 'बायो-इंडिकेटर' माना जाता है। इसका मतलब है कि अगर पेंगुइन की आबादी घट रही है, तो यह इस बात का संकेत है कि पूरा समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र (Marine Ecosystem) ख़तरे में है।

भोजन श्रृंखला: पेंगुइन मुख्य रूप से 'क्रिल' (Krill) मछलियों को खाते हैं। क्रिल समुद्री जीवन का आधार हैं। पेंगुइन की गतिविधियों से वैज्ञानिकों को समुद्र के भीतर हो रहे सूक्ष्म परिवर्तनों का पता चलता है।

पोषक तत्वों का चक्र: पेंगुइन अपने प्रवास के दौरान पोषक तत्वों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं, जो समुद्री वनस्पतियों के विकास में सहायक होते हैं।

                  पेंगुइन प्रजातियों की वर्तमान स्थिति (Data 2026)

प्रजाति                         संरक्षण स्थिति (IUCN)                                   मुख्य ख़तरा     

                 

एम्परर पेंगुइन               ख़तरे के क़रीब (Near Threatened)          समुद्री बर्फ़ का कम होना

अफ्ऱकी पेंगुइन              गंभीर रूप से लुप्तप्राय (Endangered)    अत्यधिक मछली पकड़ना (Overfishing)

गैलापागोस पेंगुइन       लुप्तप्राय (Endangered)                               अल-नीनो और समुद्री गर्मी

अडेली पेंगुइन               सुरक्षित (Least Concern)                            आवास में बदलाव (बर्फ का खिसकना)

अन्य मानवीय खतरेजलवायु परिवर्तन के अलावा, पेंगुइन कई अन्य मोर्चों पर भी जंग लड़ रहे हैं:

प्लास्टिक प्रदूषण: समुद्र में फेंका गया प्लास्टिक पेंगुइन के पेट में जाकर उनकी जान ले रहा है।

अत्यधिक मत्स्य पालन: मनुष्य द्वारा बड़े पैमाने पर मछली पकड़ने से पेंगुइन के लिए भोजन (मछलियां और क्रिल) कम पड़ रहा है।

तेल रिसाव (Oil Spills): समुद्री जहाज़ों से होने वाला तेल रिसाव इनके पंखों को ख़राब कर देता है, जिससे वे ठंडे पानी में जीवित नहीं रह पाते।

निष्कर्ष: हम क्या कर सकते हैं?

पेंगुइन की रक्षा करना केवल एक पक्षी को बचाना नहीं है, बल्कि उस नीले ग्रह को बचाना है जो हमारा भी घर है। हमें कार्बन उत्सर्जन कम करने, एकल-उपयोग प्लास्टिक का त्याग करने और समुद्री अभयारण्यों (Marine Protected Areas) के निर्माण का समर्थन करने की आवश्यकता है।

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