Saturday, 11th of April 2026

ईरान में विद्रोह की आग: खामेनेई शासन के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे लाखों लोग

By: GTC News Desk | Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at: January 10th 2026 07:17 PM
ईरान में विद्रोह की आग: खामेनेई शासन के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे लाखों लोग

ईरान में विद्रोह की आग: खामेनेई शासन के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे लाखों लोग

तेहरान/वाशिंगटन: ईरान एक बार फिर बड़े पैमाने पर नागरिक अशांति और अंतरराष्ट्रीय दबाव के केंद्र में है। आर्थिक तंगी, गिरती मुद्रा और राजनीतिक दमन के ख़िलाफ़ शुरू हुआ जन-आक्रोश अब पूरे देश में फैल चुका है। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं।

प्रदर्शनों की मुख्य वजह और ताज़ा स्थिति

यह विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत में तेहरान के ग्रैंड बाज़ार से शुरू हुए थे, जहां व्यापारियों ने मुद्रा (रियाल) के ऐतिहासिक अवमूल्यन के ख़िलाफ़ दुकानें बंद कर दी थीं। देखते ही देखते यह आंदोलन "तानाशाह को मौत" और "इस्लामी गणराज्य मुर्दाबाद" के नारों के साथ देशव्यापी विद्रोह में बदल गया है।

इंटरनेट ब्लैकआउट: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईरानी प्रशासन ने पूरे देश में इंटरनेट और संचार सेवाओं को ठप कर दिया है।

गिरफ़्तारियां: अब तक 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ट्रंप की 'रेड लाइन' और हमले की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट पर कड़ा रुख़ अपनाया है। उन्होंने सीधे तौर पर खामेनेई शासन को चेतावनी देते हुए कहा:

"अगर उन्होंने लोगों को मारना शुरू किया, जैसा कि वे अक़्सप करते हैं, तो हम उन्हें वहां मारेंगे जहां सबसे ज़्यादा दर्द होता है। अमेरिका इस स्थिति पर बहुत करीब से नज़र रख रहा है।"

ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि भले ही ज़मीन पर अमेरिकी सैनिक नहीं उतरेंगे, लेकिन अगर निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी हुई, तो अमेरिका 'बहुत ही सख़्त' सैन्य जवाबी कार्रवाई (Air Strikes) करेगा।

खामेनेई का पलटवार

वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन प्रदर्शनों को विदेशी साज़िश क़रार दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि "दंगाई" अमेरिका को ख़ुश करने के लिए अपनी ही सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि "अहंकारी शासकों का पतन उनकी शक्ति के चरम पर ही होता है।"

वैश्विक चिंता और आगे की राह

निर्वासित ईरानी राजकुमार रेजा पहलवी ने भी लोगों से शहर के केंद्रों पर क़ब्ज़ा करने का आह्वान किया है, जिससे संघर्ष और बढ़ने की आशंका है। पूरी दुनिया की नज़रें अब तेहरान पर हैं, क्योंकि यह तनाव किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध या शासन परिवर्तन की शुरुआत हो सकता है।