अमेरिकी हमलों के बीच वेनेज़ुएला में आपातकाल लागू: राष्ट्रपति मादुरो ने 'सैन्य लामबंदी' का दिया निर्देश
GTC International: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब राजधानी काराकास समेत देश के कई हिस्सों में ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। अमेरिकी सैन्य हमलों की ख़बरों के बीच राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने तत्काल प्रभाव से 'राष्ट्रव्यापी आपातकाल' (National Emergency) की घोषणा कर दी है।
The United States of America has successfully carried out a large-scale strike against Venezuela and its leader, President Nicolas Maduro, who has been, along with his wife, captured and flown out of the Country. This operation was done in conjunction with U.S. Law Enforcement.… pic.twitter.com/5AiUVzcO0A
— ANI (@ANI) January 3, 2026
मुख्य घटनाक्रम: क्या हुआ अब तक?
शनिवार तड़के क़रीब 2:00 बजे (स्थानीय समय) काराकास और आसपास के इलाक़ों में कम से कम 7 बड़े विस्फोटों ने पूरे शहर को हिला दिया। चश्मदीदों के मुताबिक़, धमाकों के साथ ही आसमान में नीची उड़ान भरते लड़ाकू विमान देखे गए।
प्रभावित क्षेत्र: सरकारी बयान के अनुसार, काराकास के अलावा मिरांडा, अरागुआ और ला गुआरा राज्यों में सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है।
सैन्य ठिकाने: काराकास के ला कार्लोटा एयरपोर्ट (La Carlota Airport) और देश के सबसे बड़े सैन्य परिसर 'फुएर्ते तिउना' (Fuerte Tiuna) से धुएं के ग़ुबार उठते देखे गए।
बिजली गुल: हमलों के तुरंत बाद राजधानी के कई दक्षिणी इलाक़ों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
राष्ट्रपति मादुरो के कड़े निर्देश
आपातकाल की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति मादुरो ने सरकारी टीवी के माध्यम से देश को संबोधित किया। उन्होंने इसे 'साम्राज्यवादी आक्रामकता' क़रार दिया और ये निर्देश जारी किए:
पूर्ण सैन्य लामबंदी (Military Mobilization): मादुरो ने सभी सशस्त्र बलों और नागरिक मिलिशिया को 'युद्धस्तर पर तैयार' (Response Posture) रहने और देश की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने का आदेश दिया है।
नागरिक सुरक्षा और निगरानी: उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक संगठनों को 'मोबिलाइजे़शन प्लान' सक्रिय करने को कहा है ताकि किसी भी आंतरिक विद्रोह या बाहरी घुसपैठ को रोका जा सके।
संसाधनों की सुरक्षा: मादुरो ने आरोप लगाया कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य वेनेज़ुएला के तेल और खनिज संसाधनों पर क़ब्ज़ा करना है, इसलिए सभी रणनीतिक क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अमेरिका का रुख़ और तनाव का कारण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में वेनेज़ुएला के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए थे। अमेरिका का दावा है कि मादुरो सरकार मादक पदार्थों की तस्करी (Drug Trafficking) में शामिल है।
ऑपरेशन सदर्न स्पियर: अमेरिकी नौसेना ने पिछले कुछ हफ्तों से कैरिबियन सागर में भारी तैनाती कर रखी है।
FAA का प्रतिबंध: हमले की ख़बरों के बीच अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अमेरिकी उड़ानों के लिए वेनेज़ुएला के हवाई क्षेत्र को प्रतिबंधित कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस हमले के बाद लैटिन अमेरिका में तनाव चरम पर है। कोलंबिया के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। वहीं, मादुरो सरकार के सहयोगी देशों ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
#WATCH | Kerala: On US attack on Venezuela’s capital, Former Indian Ambassador to Venezuela, R. Viswanathan says, "It was not a surprise... this is not the first time he had threatened. When he was President for the first time, at that time also he had threatened Venezuela...… pic.twitter.com/KsjoeRApz2
— ANI (@ANI) January 3, 2026
"पूरे देश को इस साम्राज्यवादी हमले को हराने के लिए सक्रिय होना चाहिए। हम अपनी मातृभूमि को कभी नहीं छोड़ेंगे।" — वेनेज़ुएला सरकार का आधिकारिक बयान।
ताज़ा जानकारी के मुताबिक़, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और काराकास की सड़कों पर भारी सैन्य तैनाती देखी जा रही है।