Wednesday, 25th of February 2026

प्रयागराज माघ मेला 2026: पौष पूर्णिमा के पावन स्नान का आग़ाज़, श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 03rd 2026 04:58 PM  |  Updated: January 03rd 2026 04:58 PM
प्रयागराज माघ मेला 2026: पौष पूर्णिमा के पावन स्नान का आग़ाज़, श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज माघ मेला 2026: पौष पूर्णिमा के पावन स्नान का आग़ाज़, श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी प्रयागराज में आज से आस्था का महापर्व 'माघ मेला 2026' आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। कड़कड़ाती ठंड और कोहरे के बावजूद, पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर संगम तट पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन के मुताबिक़, आज सुबह 8 बजे तक ही क़रीब 6 लाख 50 हज़ार श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

संगम तट पर सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतज़ाम

माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने संगम क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए बताया कि मेले की शुरुआत शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से हुई है। उन्होंने कहा, "आज पौष पूर्णिमा के साथ ही कल्पवास का संकल्प भी शुरू हो गया है। सभी घाटों पर स्नान सुचारू रूप से चल रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संगम क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम, पीने का पानी और प्रकाश की व्यवस्था की गई है।"

मुख्य प्रशासनिक तैयारियां:

सुरक्षा व्यवस्था: मेला क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांटा गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, पीएसी (PAC) और एटीएस (ATS) के जवान तैनात हैं। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के ज़रिए भीड़ पर नज़र रखी जा रही है।

घाटों का विस्तार: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

स्वच्छता अभियान: स्वच्छ भारत मिशन के तहत मेला क्षेत्र में हज़ारों की संख्या में अस्थायी शौचालयों और डस्टबिन की व्यवस्था की गई है। 'स्वच्छ प्रयाग-सुरक्षित प्रयाग' का संकल्प दोहराया जा रहा है।

कल्पवास का संकल्प

पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ ही लाखों श्रद्धालु (कल्पवासी) एक महीने के कठिन आध्यात्मिक प्रवास 'कल्पवास' की शुरुआत करते हैं। कल्पवासी संगम की रेती पर बने अस्थायी तंबुओं में रहकर सात्विक जीवन व्यतीत करेंगे, दिन में तीन बार स्नान करेंगे और आध्यात्मिक चर्चाओं में भाग लेंगे।

यातायात और डायवर्ज़न

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। रेलवे और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) ने श्रद्धालुओं के लिए 'मेला स्पेशल' ट्रेनें और बसें संचालित की हैं। प्रयागराज के सभी प्रमुख स्टेशनों पर सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।

स्नान पर्व                                      तिथि (2026)

पौष पूर्णिमा                                3 जनवरी

मकर संक्रांति                            14-15 जनवरी

मौनी अमावस्या                        19 जनवरी

बसंत पंचमी                                23 जनवरी

माघी पूर्णिमा                               1 फरवरी

महाशिवरात्रि                            15 फरवरी

प्रशासन की अपील

मेला अधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गहरी धारा में न जाएं और केवल निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें। साथ ही, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया  है।"संगम की रेती पर भक्ति और विश्वास का यह संगम अद्भुत है। हम हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" — ऋषि राज, माघ मेला अधिकारी।

Latest News